फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Biz Updates: SK ग्रुप के चीफ का तलाक, पूर्व पत्नी को 64 करोड़ डॉलर देंगे; श्रीलंका जाएगा ICC का 30 सदस्यीय दल

Sat, 25 Jul 2026 02:43 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
विज्ञापन
बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को एसके ग्रुप के अरबपति अध्यक्ष चे ताए-वोन को अपनी पूर्व पत्नी रो सो-यंग को 944 बिलियन वोन (64 करोड़ डॉलर) का भुगतान करने का आदेश दिया। सियोल उच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। मीडिया द्वारा इसे सदी का तलाक कहा गया। रो सो-यंग दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति रो ताए-वू की बेटी हैं। दोनों ने 1988 में शादी की थी और 2017 में तलाक की अर्जी दाखिल की गई थी। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 94 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान तय किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुनरीक्षण कर घटाया गया है। इसके अलावा चे को 13.68 लाख डॉलर गुजारा भत्ता देने का आदेश भी दिया जा चुका है।

विज्ञापन


श्रीलंका जाएगा इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स का 30 सदस्यीय दल, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल व्यापार, निवेश और वाणिज्यिक साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने के लिए श्रीलंका का दौरा करेगा। सीलोन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, अवसंरचना, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, कृषि और पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सीलोन चैंबर ऑफ कॉमर्स 28 जुलाई को दोनों देशों की कंपनियों के बीच सीधे व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक नेटवर्किंग सत्र आयोजित करेगा। ज्ञात हो कि वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 7.18 अरब डॉलर रहा था।

हर बार नहीं देना होगा केवाईसी दस्तावेज एक ही आईडी से होंगे बैंक-बीमा के काम
नई दिल्ली। बैंक खाता खुलवाने, शेयर बाजार में निवेश करने या बीमा खरीदने के लिए अगस्त से लागू होने वाली एकीकृत ग्राहक पहचान प्रणाली यानी सेंट्रल केवाईसी 2.0 की मदद से न सिर्फ उपभोक्ताओं को बार-बार आईडी दिखाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा, बल्कि  फर्जी खातों और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकना आसान होगा।

अगस्त से इसकी शुरुआत बैंक और बीमा कंपनियों के साथ हो रही है। इसके बाद म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज हाउस और अन्य वित्तीय संस्थान भी इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे। आरबीआई, सेबी और बीमा नियामक आईआरडीएआई संयुक्त रूप से इस परियोजना का संचालन करेंगे।

नई प्रणाली के तहत जब आप किसी निवेश, बीमा कंपनी या बैंक के पास जाएंगे, तो वे केंद्रीय रजिस्ट्री से आपका पुराना सत्यापित डाटा हासिल कर लेंगे। इसके लिए आपको सिर्फ अपने मोबाइल पर आए ओटीपी से सहमति देनी होगी। अलग-अलग सेवाओं के लिए बार-बार फोटो, आधार या पहचान पत्र की कॉपी नहीं देनी होगी। प्रक्रिया आसान होने से लोग आसानी से बीमा और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे।

ये होंगे बड़े बदलाव : देश में करीब 1.2 अरब ग्राहक रिकॉर्ड वाली एक केंद्रीय रजिस्ट्री मौजूद है, लेकिन डाटा गोपनीयता की चिंताओं के कारण इसका व्यापक उपयोग नहीं किया जाता है। आरबीआई के रजिस्ट्री से प्राप्त रिकॉर्ड स्वीकार न करने के कारण निवेशकों को अन्य वित्तीय उत्पादों के लिए वही दस्तावेज बार-बार जमा करने पड़ते थे। नई प्रणाली में डाटा की सटीकता के लिए भरोसे का स्कोर होगा। किसी संस्था ने जानकारी का सत्यापन किया है या नहीं, इसका आकलन किया जाएगा।
विज्ञापन

एचडीएफसी बैंक पर अमेरिकी जांच की आंच शेयर पांच कारोबारी सत्रों में 9 फीसदी लुढ़का 
नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक के लिए कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को कथित रूप से गुप्त तरीके से किए भुगतान का मामला अमेरिका पहुंच गया है। तीन प्रमुख अमेरिकी लॉ फर्मों ने बैंक के खिलाफ प्रतिभूति कानूनों के संभावित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

आरोप है कि बैंक ने वित्तीय रिकॉर्ड खुलासों में पारदर्शिता नहीं रखी, जिससे शेयरधारकों को नुकसान उठाना पड़ा। 2024-25 तक महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को 45 करोड़ का ब्याज भुगतान किया गया, जिसे मार्केटिंग खर्च के रूप में दर्शाया गया। हालांकि, बैंक ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। इस विवाद से ठीक पहले, 18 मार्च, 2026 को बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी शेयर न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं, जिस कारण यह अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के दायरे में आता है। लॉ ऑफिसेज ऑफ हावर्ड जी. स्मॉल, द लॉ ऑफिसेज ऑफ फ्रैंक आर. क्रूज और ग्लैंसी प्रोंगे वोल्के एंड रोटर ने जांच शुरू की है।

52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंचा शेयर 
अमेरिका में जांच शुरू होने की खबरों के बीच एचडीएफसी बैंक के शेयर पर लगातार दबाव बना है। शुक्रवार को बैंक का शेयर एनएसई पर लगातार पांचवें सत्र में 0.72 फीसदी गिरकर 742.60 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में इसने 737.20 का निचला स्तर छुआ, जो 52 हफ्तों के निचले स्तर 726.75 रुपये के करीब है। पांच कारोबारी सत्रों में एचडीएफसी बैंक का शेयर 9.37 फीसदी टूट गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें