टैरिफ अनिश्चितताएं पूंजीगत व्यय के फैसले में डाल सकती है बाधा
अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितताएं इस वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय के फैसलों पर असर डाल सकती है। रेटिंग फर्म क्रिसिल ने बुधवार को यह बात कही। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ बुधवार को लागू हो गया। इससे भारत को कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लग गया है।
क्रिसिल ने कहा कि सरकार अब तक निवेश को बढ़ावा दे रही है, जबकि निजी कॉर्पोरेट पूंजीगत व्यय धीमा बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में लगाए गए टैरिफ से निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट्स नई निवेश योजनाओं को सहारा दे सकती हैं। क्रिसिल का मानना है कि मौजूदा अनिश्चित वैश्विक माहौल में मुक्त व्यापार समझौते निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकते हैं। ये न केवल टैरिफ बाधाओं को कम करेंगे बल्कि स्थायी और अनुमानित व्यापार नीतियों की दिशा भी तय करेंगे।
भारत 2038 तक दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है: ईवाई रिपोर्ट
ईवाई की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2038 तक क्रय शक्ति समता (पीपीपी) के संदर्भ में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। भारत का अनुमानित जीडीपी 34.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच सकता है। ईवाई का यह दावा आईएमएफ के अनुमानों पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में, भारत 2025 में 28.8 वर्ष की औसत आयु, दूसरी सबसे ऊंची बचत दर और सरकारी ऋण-से-जीडीपी अनुपात के 2024 में 81.3 प्रतिशत से घटकर 2030 तक 75.8 प्रतिशत होने का अनुमान के साथ सबसे आगे है, जबकि इसके समकक्ष देशों में ऋण का स्तर बढ़ रहा है। आईएमएफ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, ईवाई ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक 20.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (पीपीपी) तक पहुंच सकती है।
ईवाई ने एक बयान में कहा, "हालांकि चीन 2030 तक अनुमानित 42.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था (पीपीपी) के साथ समग्र आकार में अग्रणी है, लेकिन इसकी वृद्ध होती आबादी और बढ़ता कर्ज चुनौतियां हैं। अमेरिका मजबूत बना हुआ है, लेकिन उसे जीडीपी के 120 प्रतिशत से अधिक के उच्च कर्ज स्तर और धीमी विकास दर का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी और जापान, हालांकि उन्नत हैं, उच्च मध्य आयु और वैश्विक व्यापार पर भारी निर्भरता से विवश हैं।"
आईसीईए ने एयर कंडीशनर और टेलीविजन पर जीएसटी दरों को घटाने की मांग की
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने एयर कंडीशनर और टेलीविजन पर जीएसटी को कम करने की अपील की है। आईसीईए ने कहा कि इनपर लगने वाले 28 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया गया है इन उत्पादों को और अधिक किफायती बनाने और भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए यह कदम जरूरी है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब सरकर जीएसटी सुधारों पर काम कर रही है। इनकी दिवाली से पहले लागू होने की उम्मीद है।