चार साल में 1.09 करोड़ इकाई पुरानी कारों की बिक्री की उम्मीद
देश में पुरानी कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2028 तक पुरानी कारों की बिक्री 1.09 करोड़ यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है। इनका कुल मूल्य दोगुना से ज्यादा बढ़कर 73 अरब डॉलर हो जाएगा। 2022-23 तक 51 लाख यूनिट कारें बिकी हैं।
आईबीबी की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-2023 में पुरानी कारों के उद्योग का मूल्य 32.44 अरब डॉलर था। रिपोर्ट में कहा गया है, व्यक्तिगत रूप से बढ़ती प्राथमिकता के अलावा, बढ़ती खर्च की क्षमता और छोटे वाहन की मांग से पुरानी कारों की बिक्री बढ़ रही है। कोविड के बाद नए जमाने के खरीदारों के बीच पुरानी कारों की मांग वैश्विक स्तर पर ऊंची बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की कारों का भारतीय बाजार आगे और तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि यह लोगों के बजट में आ रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 तक 80 लाख पुरानी कारों की बिक्री होने का अनुमान है।
शीर्ष आठ शहरों में जमकर बिके मकान दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा बिक्री
मकानों की बिक्री जोर पकड़ रही है। इससे बिना बिके मकानों की संख्या में भी गिरावट आ रही है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में सबसे ज्यादा घर बिके हैं। सबसे कम बिना बिके मकान नोएडा और सबसे अधिक गुरुग्राम में बचे हैं। दूसरे शहरों में भी बिना बिके मकानों की संख्या में कमी आई है।
एनारॉक के मुताबिक, 2018 की पहली तिमाही में दिल्ली—एनसीआर में बिना बिके मकानों की संख्या 2.04 लाख थी। 2024 की पहली तिमाही में यह 57 फीसदी घटकर 86,420 रह गई। सबसे ज्यादा 71 फीसदी कमी नोएडा में आई है। नोएडा में 2018 की पहली तिमाही में बिना बिके मकानों की संख्या 71 फीसदी तक घटी है।
ग्रेटर नोएडा में बिना बिके मकानों की संख्या 70 फीसदी घटी
पांच साल में ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद में बिना बिके मकानों की संख्या 70—70 फीसदी घटकर क्रमश: 18,668 और 11,011 रह गई। गुरुग्राम में 37 फीसदी घटकर 33,326 रह गई। हैदराबाद, बंगलूरू और चेन्नई में बिना बिके मकानों की संख्या 11 फीसदी घटकर 1,75,520 रह गई है। मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन व पुणे में इनकी संख्या 8 फीसदी घटकर 2,89,677 रह गई।
विदेशी मुद्रा भंडार लगातार तीसरे हफ्ते बढ़ा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 17 मई को समाप्त सप्ताह में 4.549 अरब डॉलर बढ़कर 648.7 अरब डॉलर की नई सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब कुल भंडार में वृद्धि हुई है और 17 मई को समाप्त सप्ताह में यह 2.561 अरब डॉलर बढ़कर 644.151 अरब डॉलर हो गया था। पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार कई सप्ताह की वृद्धि के बाद 648.562 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।