शीर्ष-8 शहरों में पिछले वर्ष घरों की बिक्री एक फीसदी घटकर 3.48 लाख इकाइयों पर आ गई। औसत मूल्य 19 फीसदी बढ़ने के बावजूद मांग स्थिर बनी रही। नाइट फ्रैंक इंडिया ने कहा, होम लोन पर ब्याज दरों में कमी, मजबूत आर्थिक विकास और कम महंगाई कुछ ऐसे प्रमुख कारक थे जिन्होंने संभावित मंदी की आशंकाओं के बावजूद मकानों की मांग को बनाए रखने में मदद की। मुंबई क्षेत्र में आवासीय संपत्तियों की बिक्री एक फीसदी बढ़कर 97,188 यूनिट हो गई। औसत आवास मूल्य 7 फीसदी बढ़कर 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।
दिल्ली-एनसीआर में 19 फीसदी बढ़ी कीमत
दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 9 फीसदी घटकर 52,452 यूनिट रही, जबकि कीमतें 19 फीसदी बढ़कर 6,028 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई। बंगलूरू में बिक्री 55,373 यूनिट पर स्थिर रही। मूल्य 12 फीसदी बढ़कर 7,388 रुपये रहा। पुणे में बिक्री 3 फीसदी घटकर 50,881 यूनिट रह गई, लेकिन कीमतें 5 फीसदी बढ़कर 5,016 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं।