सवाल: गैस आपूर्ति में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है और प्रवासी मजदूरों का क्या?
जवाब: सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्यों ने यह स्पष्ट किया है कि प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के साथ मिलकर पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों का वितरण प्रबंधित कर सकते हैं।
सवाल: एलपीजी की मांग कम करने के लिए सरकार ने क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं?
जवाब: आम जनता को पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए मिट्टी के तेल और कोयले को विकल्प के रूप में पेश किया गया है। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके नियमित कोटे के ऊपर 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। वहीं, कोयला मंत्रालय ने छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने का आदेश जारी किया है।
सवाल: सरकार ने आम लोगों से क्या अपील की है?
जवाब: पेट्रोलियम सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ईंधन आपूर्ति की समीक्षा की है और राज्यों को घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए जमाखोरी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया है। सरकार ने आम लोगों से सभी अफवाहों से बचने, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और ऊर्जा संरक्षण का प्रयास करने की अपील की है।