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Biz Updates: रोहित जैन RBI के नए डिप्टी गवर्नर नियुक्त; डॉलर इंडस्ट्रीज संस्थापक दीनदयाल गुप्ता का निधन

Sat, 02 May 2026 11:24 PM IST
Jyoti Bhaskar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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भारत सरकार ने रोहित जैन को भारतीय रिजर्व बैंक का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए की गई है। रॉयटर्स ने शुक्रवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। जैन की नियुक्ति 3 मई से प्रभावी होगी। वह वर्तमान में केंद्रीय बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। डिप्टी गवर्नर के रूप में उनके कार्यभार का आवंटन अभी घोषित नहीं किया गया है। जैन ने पूर्व डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर का स्थान लिया है। रवि शंकर पिछले महीने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार, केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए। अन्य तीन डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता और एस सी मुर्मू हैं।

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डॉलर इंडस्ट्रीज संस्थापक दीनदयाल गुप्ता का निधन
होजरी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के संस्थापक और चेयरमैन एमेरिटस दीनदयाल गुप्ता का शनिवार को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। 1937 में हरियाणा में जन्मे गुप्ता ने 1972 में डॉलर इंडस्ट्रीज की नींव रखी थी। इसे अपनी मेहनत से 1,700 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाली कंपनी बनाया। कंपनी ने कहा है कि गुप्ता जी एक दूरदर्शी मार्गदर्शक थे। उन्होंने भारतीय परिधान उद्योग को नई पहचान दी। उनके परिवार में पत्नी, चार पुत्र और पोते-पोतियां हैं, जो वर्तमान में व्यवसाय संभाल रहे हैं। पश्चिम बंगाल होजरी एसोसिएशन ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

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भारत के पड़ोसी देशों से निवेश पर सख्ती
सरकार ने इसके साथ ही भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश पर शिकंजा कसा है। इन देशों से आने वाले हर निवेश को पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, भारतीय कंपनियों में होने वाले ऐसे सारी निवेश को सिर्फ सरकारी रूट से ही मंजूरी दी जाएगी। ऐसी कंपनियों के स्वामित्व में भविष्य में होने वाला परिवर्तन भी निगरानी के दायरे में रहेगा। अधिसूचना में कहा गया है, इन कंपनियों के स्वामित्व के हस्तांतरण की स्थिति में, बाद में होने परिवर्तनों के लिए भी सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।
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