एफएमसीजी प्रमुख इमामी लि. का मुनाफा दूसरी तिमाही में 30 फीसदी कम होकर 148 करोड़ रुपये रह गया है। घरेलू बाजार में इसके ग्रीष्मकालीन पोर्टफोलियो की कम बिक्री के कारण यह गिरावट आई है। राजस्व 10.3 फीसदी घटकर 798 करोड़ रुपये रह गया। खर्च घटकर 620 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर चार रुपये लाभांश देने की घोषणा की है। कर्मचारी लागत बढ़कर 121.2 करोड़ रुपये हो गई।
पीएनबी ने पीएम स्वनिधि के लिए डिजिटल समाधान लॉन्च किया
सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए एक अलग डिजिटल समाधान लेकर आई है। पीएनबी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय इस योजना को क्रियान्वित करता है। इसे 2020 में स्ट्रीट वेंडरों को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए किफायती कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के मकसद से शुरू किया गया था। उस समय कोरोना महामारी के कारण स्ट्रीट वेंडर्स बहुत बुरे तरीके से प्रभावित हुए थे। इसके अलावा, बैंक ने कर्मचारियों की जवाबदेही से जुड़ा पोर्टल एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण भी शुरू किया है।
बैंक ने एक बयान जारी कर बताया कि इन उत्पादों को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने पीएनबी के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्रा, कार्यकारी निदेशक बिभु प्रसाद महापात्रा और मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेंद्र कुमार की मौजूदगी में लॉन्च किया। इस अवसर पर बोलते हुए श्रीवास्तव ने कहा, "हमारे समाज की भलाई, हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन, पीएनबी जैसे बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता और वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है। इसका लक्ष्य सतर्कता की एक ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों।" वहीं अशोक चंद्रा ने कहा कि हम ईमानदारी, नैतिकता और पारदर्शिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
'नियामकों को 'हानिकारक ओवरलैप' कम करने के लिए सहयोग करना चाहिए', बोले आरबीआई के डिप्टी गवर्नर
देश के नियामकों को आपस में जुड़े कारोबारी माहौल में 'हानिकारक ओवरलैप' कम करने और नवाचारों को बाधित किए बिना नियामकीय अंतर पाटने के लिए सहयोग करना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने यह बात कही है। गेटकीपर्स ऑफ गवर्नेंस शिखर सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक व्यवसाय सुव्यवस्थित नहीं है और एक सूचीबद्ध कंपनी बैंकों, एनबीएफसी, बीमा कंपनियों, दलालों, भुगतान फर्मों, तकनीकी सहायक कंपनियों, विदेशी शाखाओं और सहयोगियों के समूह का हिस्सा हो सकती है।
विनियामक मानचित्र में कंपनी कानून, प्रतिभूति विनियमन और सूचीकरण नियम, बैंकिंग, बीमा, पेंशन, प्रतिस्पर्धा कानून, दिवालियापन, लेखांकन और लेखा परीक्षा निरीक्षण, बाजार आचरण नियम, डेटा और साइबर आवश्यकताएं, और कई प्रवर्तन एजेंसियां शामिल हैं। इसके अलावा, स्वामीनाथन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दायित्व, एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, एसआरओ (स्व-नियामक संगठन) और राज्य स्तरीय प्राधिकरण भी हैं।
उन्होंने कहा, "ऐसी दुनिया में, कुछ ओवरलैप अपरिहार्य है। यह कोई बग नहीं है। ओवरलैप एक सुरक्षा जाल की परतों के रूप में भी काम कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि यदि एक नियंत्रण किसी समस्या को अनदेखा कर देता है, तो दूसरा उसे पकड़ सकता है।"