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Biz Updates: केरल किसानों को स्टार्टअप इकोसिस्टम में लाने के लिए लॉन्च करेगा एग्रीनेक्स्ट, जानिए अहम अपडेट्स

Mon, 10 Nov 2025 02:06 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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केरल स्टार्टअप मिशन (केएसयूएम) एग्रीनेक्स्ट नामक एक नई परियोजना शुरू कर रहा है। इसका मकसद राज्य के कृषक समुदाय को स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में लाना है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यालय के अनुसार इस पहल से किसानों, स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को लाभ होगा।

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एग्रीनेक्स्ट केरल क्लाइमेट रिजिलिएंट एग्री वैल्यू चेन मॉर्डनाइजेशन प्रोजेक्ट (केरा) का हिस्सा है। यह विश्व बैंक के समर्थन से कृषि विभाग की ओर से संचालित एक प्रमुख कार्यक्रम है। अधिकारियों ने बताया कि इसका लक्ष्य राज्य के कृषि क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देना और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "किसान, एफपीओ, कृषि विशेषज्ञ और उद्यमी कृषि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं की पहचान कर सकते हैं और उन्हें स्टार्टअप्स के साथ साझा कर सकते हैं।"
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इन चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम स्टार्टअप समाधान विकसित करने में सक्षम होंगे, जबकि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य संगठनों को भी एग्रीनेक्स्ट परियोजना के साथ सहयोग करने का अवसर मिलेगा।

सरकार ने कहा कि केवल कृषि संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए नवीन विचारों या प्रौद्योगिकियों वाले स्टार्टअप ही आवेदन कर सकते हैं। ये प्रौद्योगिकियां मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों में शामिल किसानों और उद्यमियों दोनों के लिए उपयोगी होनी चाहिए।

आवेदन केएसयूएम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं, और चयनित स्टार्टअप्स को केएसयूएम परियोजना कार्यान्वयन इकाई के सहयोग से इनक्यूबेट किया जाएगा। प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 25 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।




डब्ल्यूएचओ के तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन से बाहर रखे जाने पर भड़के किसान
तंबाकू किसानों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशंस (एफएआईएफ) ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन से अपने बहिष्कार की कड़ी निंदा की। संगठन का कहना है कि लाखों किसानों को ऐसे फैसलों से दूर रखा जा रहा है, जो सीधे तौर पर उनके आजीविका पर असर डालते हैं। एफएआईएफए ने बताया कि डब्लूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल (FCTC) सचिवालय ने उन्हें आगामी 11वें कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज (COP11) में भाग लेने की अनुमति नहीं दी है। यह 17 नवंबर से आयोजित होने जा रही है।

एफएआईएफए के अध्यक्ष पी.एस. मुरली बाबू ने कहा कि किसान समस्या नहीं हैं, बल्कि वे उन नीतिगत फैसलों के शिकार हैं, जो उनकी भागीदारी के बिना लिए जाते हैं। यह बेहद निराशाजनक है कि COP11 एक बार फिर किसानों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहा है।

ई-कॉमर्स साइटों पर अब अनिवार्य होगा ‘मूल देश’ फिल्टर
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए मूल देश यानी उत्पाद किस देश में बना है, इस आधार पर सर्चेबल और सॉर्टेबल फिल्टर उपलब्ध कराना अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम डिजिटल मार्केटप्लेस में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सूचित खरीद निर्णय लेने में मदद करेगा।

मंत्रालय ने बताया कि मसौदा लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) (द्वितीय) संशोधन नियम, 2025 के तहत 2011 के मौजूदा नियमों में बदलाव किया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, हर ई-कॉमर्स इकाई जो आयातित उत्पाद बेचती है, उसे अपने उत्पादों की सूची में 'उत्पाद किस देश में बना है' के लिए सर्च और फिल्टर विकल्प देना होगा।

सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को उत्पाद के मूल देश की जानकारी आसानी से खोजने में मदद करेगा और आत्मनिर्भर भारत व वोकल फॉर लोकल अभियानों को बढ़ावा देगा। प्रस्तावित नियमों पर हितधारकों से सुझाव 22 नवंबर, 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं।
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ओआईसीए के नए अध्यक्ष बने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी शैलेश चंद्रा
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा को ऑटोमोबाइल निर्माण संगठन (ओआईसीए) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 1 नवंबर, 2025 से प्रभावी हुई है। चंद्रा वर्तमान में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएम) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अमेरिका की एलायंस फॉर ऑटोमोटिव इनोवेशन के अध्यक्ष और सीईओ जॉन बोज़ेला का स्थान लिया है। अपनी नियुक्ति पर चंद्रा ने कहा कि वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग जब सतत गतिशीलता और नेट जीरो लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ओआईसीए की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की सरकारों के विजन के अनुरूप, हमारा साझा उद्देश्य वाहनों को और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
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