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Biz Updates: खाद्य प्रसंस्करण स्तर 2031 तक 25 फीसदी करने का लक्ष्य, निवेश बढ़ाने के लिए नई नीति पर विचार

Thu, 16 Jul 2026 07:24 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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खाद्य प्रसंस्करण सचिव अविनाश जोशी ने 2031 तक देश के खाद्य प्रसंस्करण स्तर को 25 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य 2023 के 17 फीसदी के स्तर से काफी अधिक है। खाद्य प्रसंस्करण स्तर  वह पैमाना है जो बताता है कि किसी कच्चे कृषि उत्पाद (जैसे फल, सब्जी, अनाज) को फैक्ट्री या रसोई में किस हद तक बदला, पकाया या संरक्षित किया गया है। सरकार इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतिगत पहल पर विचार कर रही है। इन उपायों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति मिलने की उम्मीद है।

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गुरुवार को एफआईसीसीआई की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में जोशी ने यह जानकारी दी। उन्होंने क्रिसिल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, 2010-11 में प्रसंस्करण स्तर 10 फीसदी था, जो 2023 में बढ़कर 17 फीसदी हो गया है। सचिव ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की सफलता पर भी प्रकाश डाला। यह योजना क्षमताएं बढ़ाने और रोजगार सृजन में सहायक रही है। पीएलआई योजना 2021-22 से 2026-27 तक छह वर्षों के लिए लागू है। इसका कुल वित्तीय परिव्यय 10,900 करोड़ रुपये है। जोशी ने कहा कि प्रसंस्करण स्तर एक महत्वपूर्ण संकेतक है। उन्होंने उद्योग से इस लक्ष्य को एक चुनौती के रूप में लेने का आग्रह किया।

क्या है सरकार का नया लक्ष्य?

सरकार ने आंतरिक रूप से 2031 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को कम से कम 25 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। जोशी ने बताया कि प्रसंस्करण स्तर में वृद्धि से मूल्य संवर्धन में मदद मिलेगी। इससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा और प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक क्षेत्र के बाजार के लिए कई सकारात्मक प्रभाव पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में कृषि उत्पादन अधिशेष है। चुनौती यह है कि मात्रा से मूल्य की ओर तेजी से बढ़ा जाए। इसके बाद सभी के लिए पोषण हासिल किया जाए।

निवेश बढ़ाने के लिए क्या योजना है?

जोशी ने हाल ही में प्रधानमंत्री से हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 25 फीसदी प्रसंस्करण स्तर तक पहुंचने के लिए एक राष्ट्रीय प्रसंस्करण मिशन या पीएलआई 2.0 जैसी योजना की आवश्यकता है। इस क्षेत्र को बहुत कम समय में बढ़ा हुआ निवेश चाहिए। उन्होंने मंत्रालय के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई। भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 90 फीसदी से अधिक इकाइयां एमएसएमई खंड में हैं। जोशी ने उद्योगों से अक्षमताओं को दूर करने और भारत को घरेलू व वैश्विक बाजार के लिए प्रतिस्पर्धी बनाने को कहा।

'भारत ब्रांड' से क्या लाभ होगा?

सरकार ने प्रसंस्कृत खाद्य के लिए 'भारत ब्रांड' बनाने पर काम शुरू कर दिया है। इस 'भारत ब्रांड' मंच के माध्यम से भारतीय व्यंजनों और भारतीय मादक पेय पदार्थों को दृश्यता देने की योजना है। मंत्रालय उद्योग की मदद से कई हस्तक्षेप करने की योजना बना रहा है। इससे भारतीय खाद्य और भारतीय व्यंजनों के लिए सकारात्मक प्रभाव पैदा होंगे। इन्हें वैश्विक स्तर पर ले जाया जा सकेगा। सचिव ने जोर दिया कि केंद्र इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। खाद्य सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और सुरक्षा नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ को आखिरी दिन 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव को गुरुवार को बोली के समापन दिवस पर 41.66 गुना सदस्यता प्राप्त हुई। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, 9,812.91 करोड़ रुपये के आईपीओ को 12,45,63,536 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 5,18,95,47,350 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।

योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की श्रेणी को 140.11 गुना सदस्यता प्राप्त हुई। गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 22.51 गुना सदस्यता मिली, जबकि खुदरा खंड को 3.60 गुना सदस्यता प्राप्त हुई। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने इससे पहले एंकर निवेशकों से 2,663 करोड़ रुपये जुटाए थे।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर इस साल के अंत तक हो जाएंगे हस्ताक्षर: पीयूष गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए हैं। हेलसिंकी में भारत-फिनलैंड व्यापार गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता 2027 की पहली तिमाही में लागू होगा।

उन्होंने कहा, "27 देशों के यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते को लेकर ब्रुसेल्स में कल हुई मेरी बैठकों के दौरान, हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि कैलेंडर वर्ष 2026 के अंत से पहले अंतिम कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे और इसे अगले वर्ष फरवरी-मार्च में, यानी 2027 की पहली तिमाही में लागू कर दिया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए ढेरों अवसर खुलेंगे। इस साल 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने 'सभी समझौतों की जननी' कहे जाने वाले समझौते के लिए बातचीत के समापन की घोषणा की।


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FSSAI के नियमों के उल्लंघन के चलते पारसी डेयरी फार्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित 
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद मुंबई स्थित पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

उन्होंने आगे बताया कि लोकप्रिय चेन पर की गई यह कार्रवाई राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान का हिस्सा थी, जिसमें 1.90 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।

एफडीए ने एक बयान में कहा कि दक्षिण मुंबई में पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड की प्रिंसेस स्ट्रीट इकाई में किए गए निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम और संबंधित नियमों के कई उल्लंघन पाए गए, जिसके चलते एफएसएसएआई लाइसेंस को तत्काल निलंबित कर दिया गया।

निरीक्षकों को कई तरह की अस्वच्छ स्थितियां मिलीं, जिनमें क्षतिग्रस्त कच्चा दूध ग्रहण करने का घाट, भंडारण और उत्पादन क्षेत्रों में दरारें, कच्चे माल और तैयार उत्पादों का अनुचित भंडारण, मक्खियों का भारी प्रकोप, टूटी हुई फर्श और जल निकासी व्यवस्था और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का अभाव शामिल है।

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