केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस बजट का मुख्य उद्देश्य रोजगार बढ़ाने और छोटे और मंझले उद्योगों (MSMEs) को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ देश के औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना है।
ऑरेंज इकोनॉमी और रोजगार के अवसर
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि ऑरेंज इकोनॉमी यानी गेमिंग, कॉमिक्स, एनीमेशन और विज़ुअल इफेक्ट्स (AVGC) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसके तहत AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी, जो युवा पेशेवरों को इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन और कौशल विकास में मदद करेंगी। इस क्षेत्र में नई पहल की योजना से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, खासकर उन युवाओं के लिए जो इन उभरते हुए क्षेत्रों में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
एमएसएमई और उद्योग क्षेत्र के लिए घोषणाएं
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योग) के लिए बजट में कई अहम योजनाएं प्रस्तुत की गईं:
- 200 विरासती औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना का प्रस्ताव।
- एमएसएमई को चैंपियन के तौर पर विकसित करने के लिए सहायता देने का प्रस्ताव, त्रि-आयामी दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव।
- आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपये के टॉप अप का प्रस्ताव।
- TReDS के साथ एमएसएमई को सात लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि मुहैया कराई गई। TReDS के लेनदेन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया। TReDS प्लेटफॉर्म पर बीजक छूट के लिए सीजीटीएमएसई के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता।
- एमएसएमई में सरकारी खरीद के बारे में सूचना साझा करने के लिए जेम को TReDS से जोड़ा गया। TReDS प्राप्तियों को अस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में शुरू किया गया।
- टियर-2 और टियर-3 कस्बों में कॉरपोरेट मित्रों को तैयार करने के लिए पेशेवर संस्थानों को मदद।
- अर्ध पेशेवर एमएसएमई को किफायती लागतर पर अनुपालन अपेक्षाओं को पूरा करने में सहायता।