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झटका या बजट से पहले का सन्नाटा: सेंसेक्स जनवरी में 4% टूटा, रुपया 92 के पार; बजट से अब बाजार को क्या उम्मीद?

Mon, 26 Jan 2026 08:14 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Meta Description: जनवरी 2026 में सेंसेक्स विदेशी बिकवाली के दबाव के कारण 4% तक टूट चुका है। रुपया भी लगातार गिरावट के बाद डॉलर के मुकबले 92 के पार पहुंचा गया है। वैश्विक बाजार में तनावपूर्ण माहौल के बीच घरेलू शेयर बाजार को अब बजट 2026 से 'संजीवनी' की उम्मीद है। जानिए जानते हैं बाजार आगामी बजट से कैसी राहत चाहिए।
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शेयर बाजार - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। जनवरी का महीना निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल भरा रहा, जहां सेंसेक्स 3,600 अंक से अधिक टूट चुका है और रुपया भी लगातार गिर रहा है। अब दलाल स्ट्रीट की नजरें पूरी तरह से वित्त मंत्री पर टिकी हैं। सवाल एक ही है- क्या आगामी बजट बाजार को वह 'बूस्ट' दे पाएगा जिसकी उसे सख्त जरूरत है?

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बाजार का हाल: क्यों सहमा हुआ है निवेशक? 
जनवरी 2026 में अब तक सेंसेक्स 4.32% (3,682.9 अंक) और निफ्टी 4.13% (1,080.95 अंक) गिर चुका है। विदेशी निवेशकों (FPIs) की अंधाधुंध बिकवाली और ग्लोबल अनिश्चितताओं ने बाजार की कमर तोड़ दी है।

गिरावट के प्रमुख कारण क्या?
• रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी: 23 जनवरी को रुपया डॉलर के मुकाबले 92 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया, जो इस महीने 2% से ज्यादा गिर चुका है।
• ग्लोबल तनाव: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और अमेरिका-यूरोप के बीच नए टैरिफ की चिंताओं ने 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट बना दिया है।
• निराशाजनक नतीजे: आईटी, बैंकिंग और कंजम्पशन सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं।

बजट 2026 से उम्मीदें: बाजार को क्या 'संजीवनी' चाहिए ? 
एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितता और घरेलू चुनौतियों के बीच, बाजार को एक ऐसे बजट की उम्मीद है जो "ग्रोथ और मैक्रो स्टेबिलिटी" के बीच संतुलन बनाए।
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बाजार बजट में सरकार से किन फैसलों की अपेक्षा कर रहा?
1. ग्रोथ को सपोर्ट:
बाजार चाहता है कि बजट में ऐसे एलान हों जो विकास दर को बनाए रखें, लेकिन इसके लिए वित्तीय अनुशासन से समझौता न किया जाए।
2. राजकोषीय मजबूती: मध्यम अवधि में राजकोषीय घाटे को कम करने  के रोडमैप पर सरकार कायम रहे।
3. कॉरपोरेट अर्निंग्स को सहारा: वीके विजयकुमार (जियोजित इन्वेस्टमेंट्स) के अनुसार, कॉरपोरेट अर्निंग्स में अभी तेजी के संकेत नहीं हैं। बजट से ऐसे नीतिगत फैसलों की उम्मीद है जो कंपनियों की आय बढ़ाने में मददगार हों।

इतिहास गवाह, बजट से पहले गिरता है बाजार? 
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि जनवरी में गिरावट का ट्रेंड नया नहीं है। 2020 से 2025 तक, हर साल जनवरी में सेंसेक्स गिरा है। ऐतिहासिक रूप से, बजट से ठीक पहले (गणतंत्र दिवस के बाद) बाजार में अक्सर 'रिकवरी' या ट्रेंड रिवर्सल देखा गया है। निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार भी बजट के आसपास बाजार अपनी चाल बदलेगा।

आगे की राह 
एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का मानना है कि शॉर्ट टर्म में जियोपॉलिटिकल घटनाएं बाजार को प्रभावित करेंगी, लेकिन लंबी अवधि में बजट और घरेलू मैक्रो हालात ही दिशा तय करेंगे। फिलहाल, विदेशी फंड्स की निकासी और अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर स्पष्टता न होना चिंता का विषय बना हुआ है। अगर बजट में ग्रोथ और अनुशासन का सही मिश्रण मिलता है, तो यह बाजार दिशा बदलने में मददगार साबित हो सकता है।

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