वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, कोबाल्ट उत्पाद, एलईडी, जिंक जैसे 12 महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात शुल्क हटाने की घोषणा की है। शनिवार को अपने लगातार आठवें बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, मैं 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी हटाने और दो अन्य पर इसे कम करने का प्रस्ताव करती हूं। इससे इन खनिजों के प्रसंस्करण और शोधन को बढ़ावा मिलेगा तथा इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए इनकी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।"
इसके अलावा, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी निर्माण के लिए 35 और मोबाइल फोन बैटरी निर्माण के लिए 28 पूंजीगत वस्तुओं को सूची में जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इससे भारत में लिथियम-आयन बैटरियों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सीतारमण ने कहा, अब मैं कोबाल्ट पाउडर और वेस्ट, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लेड, जिंक और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों पर पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी हटाने का प्रस्ताव करती हूं। इससे विनिर्माण के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
जहाज निर्माण की लंबी अवधि को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने जहाज निर्माण के लिए कच्चे माल, घटकों, उपभोग्य सामग्रियों और पार्ट्स पर मूल सीमा शुल्क (BCD) में छूट को अगले 10 वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा। इसी तरह, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए शिप ब्रेकिंग उद्योग के लिए भी यही छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, 'मेक इन इंडिया' नीति के अनुरूप और उल्टे शुल्क ढांचे को ठीक करने के लिए, उन्होंने इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर सीमा शुल्क को 10% से बढ़ाकर 20% करने और ओपन सेल एवं अन्य घटकों पर इसे घटाकर 5% करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने घरेलू मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'वेट ब्लू लेदर' पर मूल सीमा शुल्क को पूरी तरह से हटाने का भी प्रस्ताव दिया।
सीतारमण ने यह भी प्रस्ताव रखा कि एक से अधिक उपकर (सेस) या अधिभार (सरचार्ज) नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने 82 टैरिफ लाइनों पर लगने वाले सामाजिक कल्याण उपकर को भी समाप्त करने का प्रस्ताव दिया।