भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवीं बार बजट पेश करेंगी। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए बजट 2025 कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास यात्रा को बनाए रखना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। दूसरी ओर, देश का आम आदमी बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और करों के बोझ से राहत की उम्मीद कर रहा है।
अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार को पटरी पर लाना चुनौती
हाल के महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है। घरेलू शेयर बाजार में बीते कुछ महीनों के दौरान इस कारण लगातार गिरावट देखने को मिली है। रोजगार के मोर्चे पर भी इससे चुनौती बढ़ती है। लोगों को महंगाई की तुलना में मजदूरी नहीं मिल पा रही, जिससे उन्हें तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
01 फरवरी 2025 को जिन पांच मोर्चों पर देश के आम आदमी के हित में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कदम उठाने की जरूरत है, आइए उनके बारे में जानते हैं।