केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में बजट पेश करने वाली हैं। इस साल आम चुनाव होने की वजह से यह अंतरिम बजट होगा। चुनाव के बाद जब नई सरकार कार्यभार संभालेगी तब पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ने 2023-24 के में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों का खासा ख्याल रखा था। उस बार सबसे बड़ी बात यह रही कि नौ साल बाद टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की गई थी। सीतारमण ने पिछली बार अपना सबसे छोटा बजट भाषण भी। उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सिर्फ 87 मिनट का बजट भाषण पढ़ा। निर्मला सीतारमण के ही नाम भारतीय इतिहास में सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ने का भी रिकॉर्ड है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का केंद्रीय बजट 2021 का भाषण भारतीय इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण है यह 2 घंटे 40 मिनट तक चला था। इससे दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट 2020 पेश करने के 2 घंटे 17 मिनट के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा था। उनसे पहले सबसे लंबा बजट भाषण का रिकॉर्ड दिवंगत अरुण जेटली के नाम था। उनका 2014 का बजट भाषण 2 घंटे 10 मिनट लंबा था।
आइए जानते हैं पिछले सालों में निर्मला सीतारमण का सबसे लंबा भाषण और किस नेता ने अब तक का सबसे छोटा भाषण दिया है...
साल 2019 में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए अपना पहला बजट पेश किया था। उस भाषण के साथ, उन्होंने सबसे लंबे बजट संबोधन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह दो घंटे 17 मिनट तक बोली थीं।
अगले साल, उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया जब उन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश करते हुए दो घंटे 42 मिनट तक बात की। और वह पूरा भाषण भी नहीं था! स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण जब उन्हें अपना भाषण छोटा करना पड़ा, तो उनके पास दो पेज बचे थे।
2021-22 में उनका बजट भाषण 100 मिनट लंबा था। वहीं निर्मला सीतारमण ने साल 2022-23 के बजट में कुल डेढ़ घंटे ही बोली थीं।
निर्मला सीतारमण से पहले भाजपा नेता जसवंत सिंह के नाम सबसे लंबा बजट भाषण का रिकॉर्ड था। 2003 में उन्होंने 2 घंटे 15 मिनट का बजट पेश किया था।
स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हीरूभाई एम पटेल द्वारा दिया गया था। उन्होंने केवल 800 शब्दों का अंतरिम बजट भाषण दिया था।
अब तक मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश किया है। इसके बाद पी चिदंबरम ने नौ बार, प्रणव मुखर्जी ने भी 9 बार, यशवंत राव चह्वाण ने 7 बार, सीडी देशमुख ने 7 बार, यशवंत सिन्हा ने 7 बार, मनमोहन सिंह ने 6 बार और टीटी कृष्णमाचारी ने भी 6 बार आम बजट पेश किया।
1947 से लेकर के अभी तक कुल 91 बार आम बजट पेश किया जा चुका है, जिसमें सामान्य और अंतरिम दोनों शामिल हैं। अब तक 67 सामान्य वार्षिक बजट और 14 अंतरिम बजट पेश किया जा चुका है, जबकि 4 मौकों पर विशेष बजट पेश किए गए हैं।
नौ वित्तमंत्री बजट को 1951 से लेकर के मई 2019 तक पेश कर चुके हैं। इनके नाम हैं...
सीडी देशमुख (1951-57)
मोरारजी देसाई (1959-64, 1967-70)
वाई बी चह्वाण (1971-75)
वीपी सिंह (1985-1987)
मनमोहन सिंह (1991-96)
यशवंत सिन्हा (1998-2004)
पी. चिदंबरम (1996-98, 2004-09, 2013-14)
प्रणब मुखर्जी (1982-85, 2009-13)
अरुण जेटली (2014-19)
पीयूष गोयल (2019)
निर्मला सीतारमण (2019-2023)
*इनके अलावे पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए बजट पेश कर चुके हैं।
मनमोहन सिंह द्वारा 1991 में दिया गया बजट भाषण सबसे लंबा था। यह 18700 शब्दों का था। इसके बाद यशवंत सिन्हा का भाषण था, जो 15700 शब्दों का था।
सबसे छोटा पूर्ण बजट भाषण वाई बी चह्वाण का था, जो केवल 9300 शब्दों का था। दूसरे स्थान पर सबसे छोटा भाषण मोरारजी देसाई ने 10 हजार शब्दों का पेश किया था।