केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को यानी आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को अमृतकाल का महत्वपूर्ण बजट बताया था। उन्होंने कहा कि यह पांच साल के लिए हमारी दिशा तय करने के साथ ही 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला रखेगा। पंजाब के संसद सदस्यों ने केंद्रीय बजट में धन आवंटन में राज्य को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने भी संसद के बाहर प्रदर्शन किया। बजट 2024 को लेकर देशभर के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
मोदी कैबिनेट 3.0 के पहले बजट पर विपक्ष की प्रतिक्रिया
केंद्रीय बजट में बिहार को 26 हजार करोड़ रुपये देने का एलान किया गया है। इस पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की सांसद राबड़ी देवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "राज्य में हत्या और चोरी हो रही है। मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है। युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही औक किसानों की समस्या अभी भी बरकरार है। बिहार को 26 हजार करोड़ रुपये आवंटित करना बिहार को झुनझुना देने के बराबर है।"
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "यह कुर्सी बचाओ बजट है।" टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "पिछले दस वर्षों से कोई उम्मीद नहीं। हम सिर्फ नारे सुनते रहे। आज भी जुमले ही होंगे। इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। न तो उन्हें सरकार चलाने आता है और न ही उन्हें लोगों के दर्द से कोई मतलब है। वे बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन किसानों के लिए उन्होंने क्या किया? किसानों के लिए तीन कानून लाए गए, जिसे वापस लेना चाहिए।"
राकांपा (एसपी) नेता क्लाइड कैस्ट्रो ने कहा कि बजट में महाराष्ट्र का जिक्र तक नहीं किया गया। उन्होंने केंद्रीय वित्तीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "क्या निर्मला सीतारमण ने सिर्फ बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट पेश किया। यह बैसाखी के सहारे खड़ा रखने वाला बजट है। भाजपा नीत एनडीए सरकार को मालूम है कि अगर बजट बिहार और आंध्र प्रदेश के पक्ष में नहीं होता तो उनकी सरकार गिर जाती।" निर्मला सीतारमण ने भारत नहीं बल्कि एनडीए को फायदा पहुंचाने वाला बजट पेश किया है। उन्होंने आगे कहा कि बजट में महाराष्ट्र को नजरअंदाज करना भाजपा को विधानसभा में यहां की जनता सबक सिखाएगी।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, "इसका परिणाम शून्य है, क्योंकि इसमें बंगाल को प्रताड़ित और वंचित किया गया है। आप देख सकते हैं कि किस तरह से भाजपा सरकार में बंगाल को वंचित किया गया है। क्या बंगाल से चुने गए 12 भाजपा सांसदों का कोई सकारात्मक परिणाम निकला है।अपनी सरकार को बचाने के लिए उन्होंने बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज प्रदान किया। हमें किसी भी राज्य से कोई समस्या नहीं है। एक असफल सरकार की असफल वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत यह बजट शून्य गारंटी के साथ पूरी तरह से विफल है।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल ने क्या गलत किया जो इसे हमेशा केंद्र की तरफ से वंचित कर दिया जाता है। यह गरीबों के हित में नहीं है। यह बजट पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। यह केवल एक राजनीतिक पूर्ति के लिए है।
केंद्रीय बजट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सरकार बचानी है तो अच्छी बात है कि बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष योजनाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में बेरोजगारी बढ़ा दी है।"
केंद्रीय बजट पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अगर मुख्य बातें सामने आ गईं तो सरकार की पोल खुल जाएगी। सरकार गलत है और दिखावा कर रही है। इस बजट में कुछ भी नहीं है और यह केवल गुमराह करने वाला है।"
बजट 2024 पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "मोदी सरकार का पुराना इतिहास बताता है कि ये 2 करोड़ रोज़गार के वादे के साथ सत्ता में आई थी। चार करोड़ रोजगार यानि दोगुना झूठ, डबल इंजन की, नरेंद्र मोदी की सरकार यानी डबल झूठ।"
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "यह कुर्सी बचाओ बजट है।" टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "पिछले दस वर्षों से कोई उम्मीद नहीं। हम सिर्फ नारे सुनते रहे। आज भी जुमले ही होंगे। इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। न तो उन्हें सरकार चलाने आता है और न ही उन्हें लोगों के दर्द से कोई मतलब है। वे बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन किसानों के लिए उन्होंने क्या किया? किसानों के लिए तीन कानून लाए गए, जिसे वापस लेना चाहिए।"
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस बजट को जबरदस्त बजट बताया। उन्होंने कहा, "मैंने आम आदमी के सामने आने वाले मुद्दों के बारे में कुछ भी नहीं सुना। मनरेगा का कोई जिक्र नहीं किया गया। आम व्यक्ति की आय में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का अपर्याप्त उल्लेख किया गया है। जब बात गंभीर आय असमानता की आती है तो सरकार की ओर से हमें बहुत कम देखने को मिलता है।"
सपा सांसद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "महिलाओं की सुरक्षा को लेकर होना चाहिए था, (बजट में) कुछ भी नहीं है। किचन का ध्यान नहीं रखा गया है क्योंकि सरकार मंहगाई के बारे में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है।"
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा कि यह बजट कांग्रेस के घोषणापत्र का कॉपी है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण चीज युवा निधि योजना है। इस सरकार ने अप्रेंटिसशिप प्राप्त करने वाले प्रत्येक युवा को 5000 रुपये देने की घोषणा की है। इससे यह साबित होता है कि यह सरकार राहुल गांधी के विचारों को कॉपी कर रही है। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने आंध्र प्रदेश को लॉलीपॉप थमा दिया।
केंद्रीय बजट से खुश हैं भाजपा की सहयोगी पार्टियां
केंद्रीय बजट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को 2027 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने आगे कहा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उत्कृष्ट पूर्ण वर्ष बजट 2024 पेश करने के लिए धन्यवाद। इससे एक समृद्ध और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। भारत के किसान, युवा, महिला और समाज के अन्य पिछड़े वर्गों के लिए कई योजनाओं का एलान किया गया। इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती, बैंकिंग, ऊर्जा, उद्योग, आर एंड डी और रक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, यह बजट युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। मैं भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्री औप प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि महिला, युवा, गरीब, किसान के हित को सामने रखकर प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प की प्रतिबद्धता दोहराता हुआ बजट है। हमें पूरी उम्मीद है कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के मिशन को पूरा करेगा।
केंद्रीय बजट में आंध्र प्रदेश को 15 हजार करोड़ और आगामी वर्षों में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की घोषणा की गई। इस पर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता सोमिरेड्डी चंद्रमोहन रेड्डी ने कहा, "हम केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट घोषणा से खुश हैं और उसका स्वागत करते हैं। जगन मोहन रेड्डी दिल्ली जाकर राज्य की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, चंद्रबाबू नायडू राज्य के विकास और कल्याण को लेकर वित्तीय सहायता के लिए दो बार दिल्ली गए। आंध्र प्रदेश को विकास के लिए 15000 करोड़ का विशेष पैकेज देने की घोषणा की गई है।"
भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने केंद्रीय बजट पर कहा कि कुछ पिछड़े क्षेत्र हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया है, इसलिए क्षेत्रीय असंतुलन को संतुलन में लाने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे युवाओं और महिलाओं के सपनों का बजट बताया। उन्होंने कहा कि 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय आवंटित किया गया हैबिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए की गई घोषणाओं से पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार सृजन की घोषणाएं ऐतिहासिक हैं। इस बजट में पीएम मोदी का विकसित भारत का सपना पूरी तरह से झलकता है। अगर विपक्ष ने इस बजट की आलोचना की है तो इसका मतलब है कि कि बजट अच्छा है।