फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitharaman on Housing: मध्यम वर्ग के लिए आएगी नई आवास योजना, अगले पांच साल में तीन करोड़ नए घर बनाएगी सरकार

Thu, 01 Feb 2024 12:07 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Housing Sector: पीएम आवास योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 तक है। अपने लक्ष्य से दूर होने के कारण सरकार इस योजना को पांच साल तक बढ़ाया है। पिछले बजट में पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66% बढ़ाया गया था।
विज्ञापन
Union Budget 2024 - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश कर दिया है। अन्य क्षेत्रों की तरह आवासीय क्षेत्र को लेकर भी कई अहम एलान हुए हैं। बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती घर मुहैया कराने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। 
विज्ञापन




आइये जानते हैं कि आवासीय क्षेत्र को लेकर क्या घोषणाएं हुई हैं? पिछले बजट में आवासीय क्षेत्र को क्या मिला था?
 

बजट के बड़े एलान - फोटो : अमर उजाला
आवासीय क्षेत्र को लेकर क्या घोषणाएं हुई हैं?
अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना जून 2015 में 'सभी के लिए आवास' के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 को पांच साल तक बढ़ाया गया है। पीएम ग्रामीण योजना के तहत 3 करोड़ घर दिए गए हैं वहीं अगले पांच वर्षों में इसमें 2 करोड़ नए आशियाने बनाए जाएंगे। 

निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार मध्यम वर्ग को आवास देने के लिए एक योजना शुरू करेगी।

निर्मला सीतारमण - फोटो : संसद टीवी
पिछले बजट में आवासीय क्षेत्र को क्या मिला था?
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की थी। पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया गया। इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा हुई थी। 
विज्ञापन

पीएम आवास योजना - फोटो : अमर उजाला
आवासीय क्षेत्र को लेकर हुई थी ये घोषणाएं: 
पीएम आवास योजना का बजट:
वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, 2023-24 में इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था।

शहरी नियोजन में सुधार: शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी।

म्युनिसिपल बांड: अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के जरिए शहरों को प्रोत्साहित करने की घोषणा हुई थी।

शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना: वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।

100 फीसदी मशीनी सफाई: बजट भाषण में कहा गया था कि शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।

आवासीय घर में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती: आयकर अधिनियम की धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह निर्णय कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए लिया गया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें