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Budget 2023: रेलवे के कायापलट के लिए मिली 2.40 लाख करोड़ रुपये की राशि, दूसरे उद्योगों को भी मिलेगा फायदा

Wed, 01 Feb 2023 03:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budget 2023: आम बजट में इस बार उम्मीद जताई जा रही थी कि मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में नई ट्रेनों व नए रेलवे ट्रैक को लेकर भी अहम घोषणा हो सकती है, लेकिन वित्त मंत्री ने इसे लेकर कोई एलान नहीं किया है। पिछली बार वित्त मंत्री ने 3 सालों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनों के शुरु करने की घोषणा की थी...
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Budget 2023: वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 के लिए लोकसभा में अपना पांचवां बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने रेल बजट के लिए कई अहम घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ आवंटित किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट में रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है। वित्तमंत्री ने रेलवे में नई योजनाओं के लिए 75 हजार करोड़ की घोषणा की है। इससे पहले लोकसभा में पिछले साल 2022-23 में रेलवे के कायापलट के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था।

इस बार के आम बजट में रेलवे सेक्टर के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि आवंटित की गई गई है। इससे पहले साल 2022-23 के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि रेलवे के लिए यह बजट आवंटन 2013 की तुलना में नौ गुना अधिक है। रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुबोध जैन ने अमर उजाला से कहा, रेलवे संबंधित उद्योगों के लिए यह बजट काफी अच्छा है। इससे रेल और उसके उद्योगों को फायदा मिलेगा। बजट में रोलिंग स्टॉक बजट में लगभग डेढ़ सौ फीसदी का इजाफा किया गया है। हालांकि इस लक्ष्य को हासिल करने में रेलवे को दिक्कतों का सामना करना होगा।

ट्रैक रिन्यूअल में भी 12 फीसदी का इजाफा किया गया है। लेकिन रेलवे को अगर 160 किमी की गति से वंदे भारत ट्रेनें चलानी है, तो ट्रैक में काफी इनपुट डालना होगा। 12 फीसदी का ये इजाफा अगर महंगाई के साथ एडजस्ट करेंगे, तो इससे रेलवे को भविष्य में कोई भी फायदा नहीं मिलेगा। भारतीय रेलवे ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों को रेलवे स्टेशन के साथ जोड़ा जाए। ये एक अच्छी शुरुआत है। लेकिन इस बारे में बजट में कोई विस्तृत नीति कोई नजर नहीं आई है। जबकि दूसरी तरफ रेलवे बड़े पैमाने पर रेलवे स्टेशनों के रीडेवलपमेंट का काम कर रहा हैं, लेकिन बजट में उसका आवंटन भी नजर नहीं आ रहा है।

नए बजट में सरकार ने हाइड्रोजन ईंधन आधारित 35 ट्रेन, साइड एंट्री के साथ 4,500 नए डिजाइन वाले ऑटोमोबाइल वाहक कोच, पांच हजार एलएचबी कोच और 58,000 वैगन के निर्माण का का प्रस्ताव भी रखा है। हालांकि, सरकार ने कोई नई ट्रेन चलाने को लेकर इस बजट में घोषणा नहीं की है। वित्त मंत्री ने कहा कि रेल में सफर करने वाले यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों के साथ रेलवे राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, हमसफर और तेजस जैसी प्रमुख ट्रेनों के 1,000 से ज्यादा कोच के नवीनीकरण की योजना बना रहा है। इन कोच के आंतरिक हिस्सों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा और यात्रियों के आराम के हिसाब से इसमें सुधार किया जाएगा।

नई ट्रेनों का नहीं हुआ कोई एलान

आम बजट में इस बार उम्मीद जताई जा रही थी कि मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में नई ट्रेनों व नए रेलवे ट्रैक को लेकर भी अहम घोषणा हो सकती है, लेकिन वित्त मंत्री ने इसे लेकर कोई एलान नहीं किया है। पिछली बार वित्त मंत्री ने 3 सालों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनों के शुरु करने की घोषणा की थी। इसके अलावा पिछले रेल बजट के एलान के दौरान वित्तमंत्री ने राष्ट्रीय रेल योजना 2030 की भी घोषणा की थी। इस योजना के तहत रेलवे के विकास के लिए प्लान तैयार किया गया था। हालांकि, इस बार के बजट के जरिए पिछली बार हुई घोषणाओं को पूरा किया जाएगा। रेलवे का ये बजट नई वंदे भारत ट्रेनों, रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण और अन्य प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेगा। इसके अलावा सरकार ने रेलवे में नई योजनाओं के लिए 75 हजार करोड़ की घोषणा की है।

अगस्त तक 75 वंदे भारत ट्रेनों को शुरू करने की संभावना

रेलवे द्वारा अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत ट्रेनों को शुरू करने की संभावना है। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, भारतीय रेलवे ने बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय में प्रभावशाली वृद्धि देखी है। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए संसद में कहा था कि यह अमृत काल का पहला बजट है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सही दिशा में चल रही है और सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर है।

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