वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2021-22 के संबंध में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन में अग्रणी विशेषज्ञों के साथ 11वां पूर्व बजट विचार-विमर्श किया। 14 दिसंबर से विभिन्न हितधारकों के साथ वित्त मंत्री ने बजट पूर्व चर्चा शुरू की थी। कोरोना वायरस महामारी के चलते ये बैठकें इस साल वर्चुअली हो रही हैं।
एक फरवरी को पेश होगा बजट
एक फरवरी 2021 को आम बजट 2021 पेश होगा। इसके लिए प्रति वर्ष विभिन्न हितधारकों के साथ मीटिंग की जाती हैं। इसमें आगामी बजट के लिए सुझाव लिए जाते हैं। इस साल कोरोना वायरस महामारी से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में बजट का महत्व और भी बढ़ गया है। महामारी के चलते सभी प्री-बजट मीटिंग्स वर्चुअली हो रही हैं। सरकार ने आम लोगों से भी बजट 2021 के लिए सुझाव मांगे थे। इसके साथ ही बजट 2021-22 की चर्चाओं में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म पर सुविधा दी हुई थी।
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आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बनाए रखने पर होगा जोर
वित्त मंत्री ने कहा था कि 2021-22 का बजट आर्थिक वृद्धि की गति को बनाए रखने पर केंद्रित होगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे पर सार्वजनिक व्यय जारी रखने के साथ आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण विनिवेश पर असर पड़ा है लेकिन उसकी गति आने वाले महीनों में तेज होगी।
सीतारमण ने उद्योग मंडल एसोचैम फाउंडेशन सप्ताह कार्यक्रम में कहा था कि, 'हम निश्चित रूप से बुनियादी निर्मला सीतारमणढांचा क्षेत्र में सार्वजनिक व्यय की गति बनाए रखेंगे। क्योंकि यही एक तरीका है जिससे हम आश्वस्त होते हैं कि यह गुणक (व्यय का विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव) के तौर पर काम करेगा और अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार भरोसेमंद होगा। मैं इस बात को लेकर सजग हूं कि आगामी बजट में एक जीवंतता होगी जो अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार, भरोसेमंद उत्थान के लिए आवश्यक है।'