कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। महामारी से निपटने में हुए अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए मोदी सरकार सेस लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। बता दें कि आज सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
ऐसा माना जा रहा है कि वैक्सीन के खर्च की भरपाई के लिए सरकार आम बजट में वैक्सीन सेस लगा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि महामारी की वजह से सरकार का रेवेन्यू बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण सेक्ट्स में अधिक फंड्स के आवंटन की मांग उठ रही है। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार पर इंफ्रास्ट्रक्चर और ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों पर अधिक खर्च करने का भी दबाव है। इससे सरकारी खजाने पर बोझ पड़ेगा। वैक्सीन का खर्च पीएम केयर्स फंड उठाएगा।
अधिकारियों ने दिया था सेस या सरचार्ज का सुझाव
दरअसल लॉकडाउन के दौरान टैक्स अधिकारियों ने सुझाव दिया था कि टैक्स डेफिसिट की भरपाई के लिए सरकार आय पर सेस या सरचार्ज लगा सकती है। मालूम हो कि सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इसके साथ ही राज्यों ने भी शराब पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी।
अब आर्थिक गतिविधि को पटरी पर लाने के लिए सरकार का एक वर्ग और टैक्स कंसल्टेंट वैक्सीन के नाम पर टैक्स लगाने के पक्ष में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक जानीमानी फर्म के एक कंसल्टेंट ने कहा था कि आय पर एक से दो फीसदी सेस से कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले भी सरकार हेल्थ सेस लगा चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान पर 60,000 करोड़ रुपये से 65,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकता है।
एक फरवरी को पेश होगा आम बजट
सत्रहवीं लोकसभा का पांचवां सत्र 29 जनवरी से शुरू होने जा रहा है और सत्र का समापन आठ अप्रैल को होने की संभावना है। सदन के शुरू होने से पहले राष्ट्रपति भी सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को एक साथ संबोधित करेंगे। वहीं केंद्रीय बजट एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, स्थायी समितियों को मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर विचार करने और अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 15 फरवरी से सात मार्च तक एक बार फिर से सत्र को स्थगित किया जाएगा। इसके बाद आठ मार्च से संसद सत्र की पुनः शुरुआत होगी जो कि आठ अप्रैल तक चलने की संभावना है।
पहले चरण में इतने लोगों को लगेगा टीका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया। यह अभियान इतना बड़ा है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि दुनिया के कई देशों की आबादी तीन करोड़ से कम है और भारत पहले ही चरण में तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।
दूसरे चरण में 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य है, जबकि दुनिया में महज भारत और अमेरिका सहित तीन ही देश ऐसे हैं, जिनकी आबादी 30 करोड़ से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत का टीकाकरण अभियान इतना बड़ा है, यह भारत के सामर्थ्य को दर्शाता है। हमारे वैज्ञानिक विशेषज्ञ जब मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हुए तभी उन्होंने इसके उपयोग की अनुमति दी।