समावेशी विकास का मजबूत खाका तैयार
इस बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान, सभी के लिए आवास, हर घर जल, सभी के लिए बिजली और सभी बस्तियों के लिए सड़क की योजनाओं के जरिए समावेशी विकास का मजबूत खाका तैयार किया गया है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। इसी तरह शून्य बजट खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सरकार ने सालाना दो करोड़ से ज्यादा की आय वालों पर जो उपकर बढ़ाया है उसे अमीर और गरीब के बीच की खाई कम करने के प्रयासों के रूप में देखा जा सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
इलेक्ट्रिक वाहनों के कर्ज पर सालाना 1.5 लाख रुपये के ब्याज पर टैक्स में अतिरिक्त छूट की घोषणा स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाने का संकेत है। सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर और डीजल व पेट्रोल पर शुल्क में वृद्धि से बिजली चालित वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। लंबी अवधि में यह पहल स्वच्छ भारत की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।
डिजिटल लेनदेन को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने ऑनलाइन बड़े ट्रांजेक्शन पर एमडीआर शुल्क को खत्म करके और एक साल में बैंक से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की नकद निकासी पर दो फीसद टीडीएस का प्रावधान करके डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने का उपाय किया है।
भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
आधार के जरिए आयकर रिटर्न भरने, रिटर्न फार्म में टीडीएस संबंधी सूचनाएं पहले से दर्ज होने और कर आकलन में अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की पहल देश को डिजिटल इकोनॉमी की ओर ले जा सकती है। साथ ही जनधन-आधार-मोबाइल को आपस में जोड़ना एक बड़ी डिजिटल पहल है। इसके जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित करने में मदद मिल रही है। इससे देश में भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगा है। यह डिजिटल पहल स्वच्छ भारत और वित्तीय समावेशन का कारगर उपकरण साबित हो रही है।
मेक इन इंडिया अभियान को बड़ा प्रोत्साहन
इस बजट के जरिए सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों और मेक इन इंडिया अभियान को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। इसके तहत भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आयात पर शुल्क में वृद्धि की गई है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा बढ़ाने, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को केवाईसी मानदंडों में ढील देने, विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय इक्विटी मार्केट को आकर्षक बनाने और विनिवेश की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया गया है। साथ ही शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगार सृजन के विभिन्न उपायों को रेखांकित किया गया है।
वैश्विक पटल पर महाशक्ति के रूप में उभर सकता है भारत
यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो यह बजट भारत को अगले एक साल में तीन खरब डॉलर और पांच साल में पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कारगर कदम है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजकोषीय स्थिति को नियंत्रण में रखने, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार बढ़ाने के लिए विदेशी निवेश बढ़ाने, बैंकिंग, एनबीएफसी व आवास क्षेत्र की अड़चनों को दूर करने और अर्थव्यवस्था को डिजिटल की ओर ले जाने जैसे बड़े मुद्दों पर विशेष जोर देना होगा। यदि सरकार इस मोर्चे पर सफल रहती है भारत मोदी 2.0 सरकार के कार्यकाल में वैश्विक पटल पर महाशक्ति के रूप में उभर सकता है।