बजट में ज्यादा नमक और चीनी की मात्रा वाले उत्पादों पर टैक्स बढ़ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हाल ही में हुई बैठक में सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया। इसके साथ ही गांव में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों का जीवन स्तर बेहतर करने के लिए भी सुझाव दिए गए।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री से अधिक चीनी और नमक वाले उत्पादों पर कर बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अधिक मीठी और नमकीन चीजें खाने से विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही है। इसलिए इन वस्तुओं पर कर की दर अधिक होनी चाहिए। इससे सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा और लोग भी इन वस्तुओं को खाने से परहेज करेंगे।
ग्रामीण महिलाओं में शिक्षा और स्वच्छता का स्तर बढ़ाने के लिए बजट में उपाय होने चाहिए। उनका कहना था कि ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को अब भी पोषक आहार नहीं मिल पाता है। इसलिए इनके लिए भी विशेष प्रावधान जरूरी है।
प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकताओं पर बल देते हुए कहा कि उन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े ढांचागत संरचना के निर्माण पर जोर दिया जाए। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण लोगों की शहरों या जिला मुख्यालय तक पहुंच बेहतर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा और सेंटर फॉर बजट एंड गवर्नेंस अकाउंटिबिलिटी के कार्यक्रम निदेशक असदुल्ला भी मौजूद थे।