नए बजट में टैक्स का बोझ कुछ हल्का हो सकता है। सरकार ने संकेत दिए कि 2017 के आम बजट में टैक्स की दरें कम की जा सकती हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि देश में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए करों की दर निचले स्तर पर करने की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा, 'अब हमें निचले दर के करों की जरूरत है, जिससे हम सर्विसेज को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकें। यह प्रतिस्पर्धा घरेलू नहीं बल्कि वैश्विक हो। आप सेवाओं में यही अहम बदलाव महसूस करेंगे।'
अरुण जेटली ने कहा कि आने वाले सालों में देश में ऐसा माहौल बनाना होगा कि लोग नियमानुसार स्वेच्छा से कर अदा करें। वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में हमारा देश ऐसा हो जाएगा जहां लोग कर अदा करने को लेकर लोगों का आचरण कानून सम्मत होगा। जेटली ने कहा, 'हम देख पा रहे हैं कि भारत अगले दशकों में ऐसा भारत बनेगा जहां नियमों के हिसाब से ही स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा।'