गुरुवार को कारोबार की सपाट शुरुआत के बाद एनएसई पर बीएसई का शेयर का भाव 1.47 प्रतिशत गिरकर 2,748 रुपये पर आ गया। बाजार नियामक ने फरवरी 2021 और सितंबर 2022 के बीच किए गए निरीक्षण के बाद यह आदेश पारित किया।
बाजार नियामक सेबी ने सभी हितधारकों को कॉर्पोरेट खुलासे तक समान पहुंच उपलब्ध कराने में विफल रहने और कारोबार के दौरान बार-बार सौदों में संशोधन करने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोपों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कार्रवाई की है। शेयर बाजार पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जिसके बाद गुरुवार की सुबह बीएसई के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
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कारोबार की सपाट शुरुआत के बाद एनएसई पर शेयर का भाव 1.47 प्रतिशत गिरकर 2,748 रुपये पर आ गया। बाजार नियामक ने फरवरी 2021 और सितंबर 2022 के बीच किए गए निरीक्षण के बाद यह आदेश पारित किया।
सेबी ने 45 पृष्ठों के आदेश में बीएसई की खामियां बताई
बुधवार को 45 पृष्ठों के आदेश में सेबी ने पाया कि बीएसई की प्रणाली संरचना ने उसके भुगतान करने वाले ग्राहकों और आंतरिक लिस्टिंग अनुपालन निगरानी (एलसीएम) टीम को कॉरपोरेट घोषणाओं तक पहुंचने की अनुमति दी। ऐसा इन जानकारियों को वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक किए जाने के पहले ही किया गया। इससे मानदंडों का उल्लंघन हुआ।
नियामक ने यह भी पाया कि डेटा प्रसार प्रक्रिया में सभी हितधारकों तक एक साथ और समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों का अभाव है। ऐसा बाजार की अखंडता को बनाए रखने और अनुचित सूचना से होने वाले लाभ को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
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सेबी ने निष्कर्ष निकाला कि बीएसई प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) एसईसीसी (स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन) विनियम, 2018 के विनियमन 39 (3) का अनुपालन करने में विफल रहा, जो स्टॉक एक्सचेंजों को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने का आदेश देता है।