जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने भारत की विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। नोमुरा ने कहा है भारत की चालू वित्त वर्ष में विकास दर (जीडीपी) 4.9 फीसदी रहेगी। फिलहाल भारत की अर्थव्यवस्था काफी सुस्ती के दौर से गुजर रही है, जिसके कारण पहले के अनुमान से अब कटौती की गई है। इससे पहले नोमुरा ने विकास दर के 5.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।
जहां आरबीआई ने विकास दर के 6.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था, वहीं अब नोमुरा का अनुमान सबसे कम हो गया है। शुक्रवार को ही रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था का आउटलुक पॉजिटिव से निगेटिव किया था। जून तिमाही में अर्थव्यवस्था ने पांच फीसदी विकास दर हासिल की थी, जो पिछले छह सालों में सबसे कम रही थी।
2021 के लिए नोमुरा ने छह फीसदी विकास दर रहने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा है कि राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.7 फीसदी रहेगा। मूडीज ने विदेशी मुद्रा रेटिंग को बीएए2 को बरकारर रखा, लेकिन मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में 3.7 फीसदी राजकोषीय घाटा रहने का अनुमान जाहिर किया। वहीं सरकार का अनुमान 3.3 फीसदी राजकोषीय घाटे का है। माना जा रहा है कि सुस्त विकास दर और कॉरपोरेट कर में कटौती के चलते राजस्व घटने से राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर सरकार को झटका लग सकता है।