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ब्रोकरों को राहत देते हुए SEBI ने कारोबार शुल्क को किया आधा

Tue, 12 May 2020 10:35 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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सेबी - फोटो : PTI
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कोविड- 19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बीच ब्रोकरों से लिए जाने वाले कारोबार शुल्क को आधा कर दिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक निर्गमों, राइट इश्युओं और शेयरों की वापस खरीद (बायबैक) के लिए सौंपे जाने वाले दस्तावेजों पर भी शुल्क में कटौती की है।

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मार्च 2021 तक लागू रहेगी कटौती 
इस संदर्भ में सेबी ने कहा है कि ब्रोकरों के लिए कारोबार शुल्क में मौजूद शुल्क ढांचे में 50 फीसदी कटौती की गई है। यह कटौती जून 2020 से लेकर मार्च 2021 तक लागू रहेगी। शुल्क में की गई इस कटौती का लाभ स्वत: ही निवेशकों को भी दिया जाएगा। 

फीस का 50 फीसदी ही करना होगा भुगतान 
नियामक ने कहा है कि शेयरों के नकद वर्ग, इक्विटी, मुद्रा, ब्याज दर के वायदा एवं विकल्प खंड तथा जिंस बाजार (कृषि जिंस के वायदा एवं विकल्प को छोड़कर) में किये जाने वाले वायदा एवं विकल्प कारोबार पर एक जून 2020 से 31 मार्च 2021 की अवधि के दौरान प्रत्येक शेयर ब्रोकर को मौजूदा गणना के हिसाब से बनने वाली फीस का 50 फीसदी ही भुगतान करना होगा। बाजार बंद होने के बाद किए जाने वाले सौदों पर भी यह छूट लागू होगी। 
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बाजार नियामक ने कहा है कि इसके साथ ही सार्वजनिक निर्गम, राइट्स इश्यू और निवेशकों से वापस खरीदे जाने वाले बायबैक निर्गम के लिए दाखिल किए जाने वाले दस्तावेजों पर लगने वाली मौजूदा फीस में भी 50 फीसदी कटौती की गई है। यह छूट एक जून 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2020 के दौरान दाखिल किए जाने वाले दस्तावेजों पर उपलब्ध होगी। 

बायबैक के मामले में इतना लगेगा शुल्क

  • शेयरों की वापस खरीद यानी बायबैक के मामले में नियामक ने 10 करोड़ रुपये तक के मसौदा दस्तावेज को दखिल करने पर ढाई लाख रुपये का शुल्क लिया जाएगा। 
  • वहीं दस करोड़ से अधिक लेकर 1,000 करोड़ रुपये तक के ऐसे इश्यू पर उसके आकार का 0.25 फीसदी शुल्क लिया जाएगा। 
  • बायबैक इश्यू का आकार यदि 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ तो उस पर पेशकश के आकार के एक हिस्सा के साथ ढाई करोड़ रुपये का शुल्क वसूला जाएगा। 
  • वहीं सेबी ने सार्वजनिक निर्गम के मामले में 10 करोड़ रुपये तक के आकार के निर्गम पर मसौदा दस्तावेज दाखिल करने पर शुल्क को 50 फीसदी घटाकर 25,000 रुपये कर दिया। 
  • वहीं राइट इश्यू के मामले में 10 करोड़ रुपये तक के राइट इश्यू पर शुल्क को 25,000 रुपये से घटाकर 12,500 रुपये कर दिया गया है। दस करोड़ रुपये से अधिक के ऐसे इश्युओं पर भी शुल्क को आधा कर दिया गया है।
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