ब्रिक्स देशों में भारत की प्रगति
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इंडोनेशिया से बदलने की दी गई राय
भारत की कमजोर स्थिति को देखते हुए वर्ष 2012 में एक विशेषज्ञ ने तो यह सलाह तक दे डाली थी कि ब्रिक्स में इंडिया की जगह इंडोनेशिया को शामिल कर लिया जाना चाहिए। भारत उस समय विदेशी कर्ज के बोझ से दबा था, मुद्रास्फीति दोहरे अंकों में थी और निवेशकों का भरोसा लगातार घट रहा था। उस समय भारत को दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में से एक कहा जाता था।
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2013 से 2025 के बीच जबर्दस्त उछाल
वर्ष 2013 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर काफी धीमी थी और वह अन्य सभी ब्रिक्स देशों से पीछे रह गया था। आर्थिक स्थिति के प्रमुख संकेतकों में एक औद्योगिकी विकास में भी उसकी हालत खस्ता थी। लेकिन अब, 2025 में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
ब्रिक्स का अगला शिखर सम्मेलन भारत में होगा
ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन के लिए रियो में मौजूद हैं। हालांकि, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे हैं। ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर की थी, लेकिन 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को भी शामिल किया गया। 2025 में इसमें इंडोनेशिया को जगह दी गई। ब्रिक्स का अगला शिखर सम्मेलन भारत में होगा।