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Business News: 15 महीने में सबसे सस्ता कच्चा तेल, 71 डॉलर प्रति बैरल से नीचे; पढ़ें व्यापार से जुड़ी खबरें

Tue, 21 Mar 2023 05:59 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर/नई दिल्ली

सार

पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी, जो दिसंबर के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। वहीं, डब्ल्यूटीआई 2.15 डॉलर गिरकर 64.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
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crude oil - फोटो : social media
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विस्तार
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वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर 15 माह के निचले स्तर पर आ गईं। मंदी की चिंता बढ़ने, मांग में गिरावट और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका से भी क्रूड के दाम घटे हैं। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड सोमवार को 2.32 डॉलर टूटकर 71 डॉलर से नीचे 70.65 डॉलर प्रति बैरल रह गया। यह इसका दिसंबर, 2021 के बाद का निचला स्तर है। उस समय ब्रेंट क्रूड 70.56 डॉलर प्रति बैरल रहा था।

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पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी, जो दिसंबर के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। वहीं, डब्ल्यूटीआई 2.15 डॉलर गिरकर 64.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि तेल उत्पादक देशों का संगठन ओपेक 2024 की तीसरी तिमाही में उत्पादन बढ़ा सकता है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर से 2.5% तक कम होगा बिजली बिल
उधर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बिजली ग्राहकों से स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उपयोग करने की अपील की। इससे बिजली बिलों में 2.5 फीसदी तक की कमी आएगी, क्योंकि ग्राहकों के खातों में पहले से ही रकम पड़ी रहती है। 
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आरके सिंह ने सोमवार को कहा, स्मार्ट मीटर के उपयोग से सिस्टम का डिजिटलीकरण, स्वचालन और दक्षता बढ़ेगी। यह उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करता है जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बिलिंग के पारंपरिक पोस्ट-पेड मीटरिंग सिस्टम की तुलना में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव हो रहा है। एक सर्वेक्षण में शामिल 92 फीसदी ग्राहकों ने कहा कि मीटर का इंस्टॉलेशन काफी आसान है जबकि 50 फीसदी ने कहा कि उनके बिलों में इससे सुधार हुआ है।

ईपीएफओ में 14.86 लाख नए सदस्य जुड़े
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने जनवरी, 2023 में 14.86 लाख नए अंशधारक जोड़े हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस दौरान लगभग 3.54 लाख सदस्य ईपीएफओ के दायरे से बाहर हो गए, जो पिछले चार माह में सबसे कम है। कुल 14.86 लाख अंशधारकों में करीब 7.77 लाख पहली बार ईपीएफओ के दायरे में आए हैं। 10.62 लाख सदस्यों ने ईपीएफओ की सदस्यता दोबारा ली है। 

सहारा समूह से जुड़ीं विभिन्न कंपनियों की जांच जारी 
सहारा इंडिया समूह की कंपनियों की जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक मामले में संपत्तियों की कुर्की के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। यह बात कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में लिखित जवाब में दी। उन्होंने कहा, जांच के दायरे में सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड, एंबी वैली लिमिटेड समेत कई कंपनियां शामिल हैं। 

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