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दक्षिण एशिया में एविएशन सेक्टर की लंबी उड़ान: 2044 तक चाहिए 3300 नए विमान, जानिए बोइंग के आउटलुक में क्या?

Wed, 28 Jan 2026 06:05 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Wings India 2026: विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के अनुसार 2044 तक भारत और दक्षिण एशिया को 3,300 नए विमानों की जरूरत होगी। विंग्स इंडिया की 2026 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगले 20 वर्षों में विमानन क्षेत्र में 45,000 नए पायलटों की मांग होगी और कार्गो बेड़ा पांच गुना बढ़ेगा। जानिए पूरी डिटेल्स।
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विंग्स इंडिया 2026 - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत और दक्षिण एशिया का विमानन क्षेत्र आने वाले दो दशकों में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार बनने वाला है। अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने अनुमान लगाया है कि बढ़ते एयर ट्रैफिक को संभालने के लिए 2044 तक भारत और दक्षिण एशिया को करीब 3,300 नए विमानों की जरूरत होगी।

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हैदराबाद में आयोजित चार दिवसीय 'विंग्स इंडिया 2026' समिट के दौरान बोइंग ने अपना 'कमर्शियल मार्केट आउटलुक' पेश किया। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (यूरेशिया और भारतीय उपमहाद्वीप) अश्विन नायडू ने बताया कि भारत एक 'ग्रोथ मार्केट' है और अगले 20 वर्षों में यहां विमानों का बेड़ा चार गुना बढ़ जाएगा।

इस रिपोर्ट की पांच बड़ी बातें?

1. छोटे विमानों की सबसे ज्यादा मांग

कुल 3,300 नए विमानों में से करीब 90% हिस्सेदारी यानी 2,875 विमान 'सिंगल-आइल' या नैरो-बॉडी जेट्स की होगी। वहीं, 395 विमान वाइड-बॉडी (बड़े आकार) के होंगे।

 

2. रोजगार की बहारविमानों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्किल्ड स्टाफ की भारी मांग होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 20 वर्षों में क्षेत्र को 45,000 पायलट, 45,000 टेक्नीशियन और 51,000 केबिन क्रू सदस्यों की आवश्यकता होगी।
 

3. ट्रैफिक में 7% की सालाना बढ़ोतरी
बढ़ते मिडिल क्लास और मजबूत होती इकोनॉमी के कारण भारत और दक्षिण एशिया में हवाई यात्रियों की संख्या में सालाना औसतन 7% की वृद्धि देखी जाएगी।
 

4. 195 अरब डॉलर का सर्विस बाज़ार
सिर्फ विमान ही नहीं, बल्कि मेंटेनेंस, रिपेयर और ट्रेनिंग जैसी एविएशन सेवाओं में भी 195 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश की जरूरत होगी।
 

5. कार्गो और ई-कॉमर्स
भारत में मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स के विस्तार से एयर कार्गो (माल ढुलाई) बाज़ार को बढ़ावा मिलेगा। अगले दो दशकों में मालवाहक विमानों का बेड़ा अपने मौजूदा आकार से पांच गुना बड़ा हो जाएगा। बोइंग का कहना है कि वाइड-बॉडी विमानों की संख्या तीन गुना होने से भारतीय यात्री अब सीधे मिडिल ईस्ट, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भर सकेंगे।

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