एडीआर ने अपनी रिपोर्ट दोनों प्रमुख पार्टियों द्वारा चुनाव आयोग में दी गई डिटेल्स के आधार पर तैयार की है। कांग्रेस ने 19 मार्च और भाजपा ने 18 फरवरी को यह डिटेल्स सबमिट की हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा सात अन्य पार्टियों ने भी अपनी कमाई और खर्चे का लेखा-जोखा चुनाव आयोग में जमा किया है। इन पार्टियों में बसपा, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई और तृणमूल कांग्रेस शामिल है।
सात पार्टियों की कुल कमाई 1500 करोड़ के पार
देश की सात बड़ी पार्टियों की 2016-17 में कुल कमाई 1559 थी, जिसमें से 1228.26 करोड़ रुपये का खर्चा भी शामिल है। दो वित्त वर्षो में कांग्रेस की कमाई में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 2015-16 में जहां पार्टी की कुल कमाई 261.56 करोड़ रुपये थी, वो घटकर 225.36 करोड़ रुपये 2016-17 में रह गई।
चंदे से की कमाई
सभी पार्टियों ने अपनी कमाई का मुख्य जरिया चंदे को बताया है। भाजपा ने 2016-17 में केवल इससे 997.12 करोड़ रुपये कमाये, वहीं कांग्रेस 115.644 करोड़ रुपये कूपन के जरिए इकठ्ठा किए।
वहीं अगर खर्च की बात करें तो भाजपा ने 606.6 करोड़ रुपये प्रोपेगेंडा और 69.58 करोड़ रुपये प्रशासनिक कार्यों पर खर्च किए। कांग्रेस ने चुनावों में 149 करोड़ रुपये और प्रशासनिक व्यय के तौर पर 115.6 करोड़ रुपये खर्च किए। सभी सात पार्टियों ने चंदे से 1169.07 करोड़ रुपये और बैंक एफडी से 128.60 करोड़ रुपये की कमाई की थी।