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एक साल में 81% इजाफे के साथ 1034 करोड़ हुई भाजपा की कमाई, कांग्रेस की आय में 14 फीसदी गिरावट: ADR

Tue, 10 Apr 2018 06:14 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में साल 2016 को इसलिए याद किया जाता है, क्योंकि उसी साल एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोटों को चलन से हटाने के लिए नोटबंदी की घोषणा हुई थी। लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि इसी नोटबंदी के साल में देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों को आर्थिक तौर पर बड़ा फायदा हुआ था।
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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) द्वारा मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि नोटबंदी के साल में भारतीय जनता पार्टी ने 1034 करोड़ रुपये और कांग्रेस ने 225 करोड़ रुपये कमाए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा कि दोनों प्रमुख पार्टियों ने इस दौरान विज्ञापनों पर भी काफी खर्च किया था।

भाजपा की कमाई में हुई 81.18 फीसदी की बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2015-16 और 2016-17 में भाजपा की कमाई में 81.18 फीसदी (463.41 करोड़ रुपये) की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का अभूतपूर्व फैसला लिया था, जिसका दूरगामी असर बाद में इकोनॉमी पर देखने को मिला था।
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तब पार्टी ने इस साल 700 करोड़ रुपया अकेले विज्ञापनों पर खर्च किया था। नोटबंदी के तीन महीने के बाद ही यूपी में विधानसभा चुनाव भी हुए थे। वहीं कांग्रेस ने 321.66 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए थे।
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चुनाव आयोग में जमा की डिटेल्स

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एडीआर ने अपनी रिपोर्ट दोनों प्रमुख पार्टियों द्वारा चुनाव आयोग में दी गई डिटेल्स के आधार पर तैयार की है।  कांग्रेस ने 19 मार्च और भाजपा ने 18 फरवरी को यह डिटेल्स सबमिट की हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा सात अन्य पार्टियों ने भी अपनी कमाई और खर्चे का लेखा-जोखा चुनाव आयोग में जमा किया है। इन पार्टियों में बसपा, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई और तृणमूल कांग्रेस शामिल है।

सात पार्टियों की कुल कमाई 1500 करोड़ के पार
देश की सात बड़ी पार्टियों की 2016-17 में कुल कमाई 1559 थी, जिसमें से 1228.26 करोड़ रुपये का खर्चा भी शामिल है। दो वित्त वर्षो में कांग्रेस की कमाई में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 2015-16 में जहां पार्टी की कुल कमाई 261.56 करोड़ रुपये थी, वो घटकर 225.36 करोड़ रुपये 2016-17 में रह गई। 

चंदे से की कमाई
सभी पार्टियों ने अपनी कमाई का मुख्य जरिया चंदे को बताया है। भाजपा ने 2016-17 में केवल इससे 997.12 करोड़ रुपये कमाये, वहीं कांग्रेस 115.644 करोड़ रुपये कूपन के जरिए इकठ्ठा किए।

वहीं अगर खर्च की बात करें तो भाजपा ने 606.6 करोड़ रुपये प्रोपेगेंडा और 69.58 करोड़ रुपये प्रशासनिक कार्यों पर खर्च किए। कांग्रेस ने चुनावों में 149 करोड़ रुपये और प्रशासनिक व्यय के तौर पर 115.6 करोड़ रुपये खर्च किए। सभी सात पार्टियों ने चंदे से 1169.07 करोड़ रुपये और बैंक एफडी से 128.60 करोड़ रुपये की कमाई की थी।  
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