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Biz Updates: SBI ने आरकॉम और उसके प्रमोटर अनिल अंबानी को 'फ्रॉड' के रूप में वर्गीकृत किया, अब होगी ये कार्रवाई

Mon, 21 Jul 2025 08:25 PM IST
पवन पांडेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Biz Updates: भारतीय स्टेट बैंक ने आरकॉम और उसके प्रमोटर अनिल अंबानी को 'फ्रॉड' के रूप में वर्गीकृत किया। बैंक इस मामले में अब शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है। सरकार की ओर से लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी गई है।
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विस्तार
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SBI ने शेयर बिक्री से जुटाए ₹25000 करोड़

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने सोमवार को बताया कि उसने व्यापार विस्तार के लिए ₹25000 करोड़ की राशि जुटाई है। यह रकम योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए उठाई गई, जिसमें बड़े निवेशकों को सीधे शेयर बेचे जाते हैं। बैंक की निदेशक समिति की बैठक में यह प्रक्रिया पूरी करने की मंजूरी दी गई। इस कदम के तहत एसबीआई ने ₹817 प्रति शेयर की कीमत पर कुल 30.59 करोड़ नए शेयर जारी किए, जिसमें ₹1 का फेस वैल्यू और ₹816 का प्रीमियम शामिल है।
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इसके साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने भी एसबीआई में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। अब एलआईसी के पास बैंक की कुल चुकता पूंजी का 9.49% हिस्सा है, जो पहले 9.21% था। यह खरीदारी भी क्यूआईपी के माध्यम से की गई। एसबीआई को पिछली बार 2017-18 में क्यूआईपी के जरिए ₹15000 करोड़ मिले थे। अब बैंक ने वित्त वर्ष 26 में ₹20000 करोड़ तक अतिरिक्त टियर-1 और टियर-2 बॉन्ड्स से और फंड जुटाने की योजना भी बना ली है। पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई का मुनाफा 16% बढ़कर ₹70,901 करोड़ रहा।
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RBI का निर्देश- बैंकों के ऐप पर थर्ड पार्टी उत्पादों पर रोक लगे
बैंकों के डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म्स पर थर्ड-पार्टी उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को जारी मसौदा दिशानिर्देशों में यह बात कही।

भारतीय रिजर्व बैंक (डिजिटल बैंकिंग चैनल प्राधिकरण) निर्देश, 2025' में कहा गया है कि बैंकों को लेनदेन पर नजर रखने के लिए एक मजबूत और जोखिम के आधार पर काम करने वाली निगरानी प्रणाली बनानी चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि बैंक अपने ग्राहकों के लेनदेन के तरीके को समझें और अगर कोई लेनदेन असामान्य लगे, तो उस पर नजर रखें या पहले से ग्राहक की मंजूरी लें। इस मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव और राय 11 अगस्त तक मांगी गई हैं। मसौदे में यह भी कहा गया है कि ग्राहकों को डेबिट कार्ड जैसी सुविधाओं के लिए डिजिटल बैंकिंग अपनाना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को सभी नेटवर्क पर उपलब्ध कराया जाना जरूरी होगा।
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