तेलंगाना में निवेश की बड़ी छलांग, दावोस से 2.19 लाख करोड़ के 44 समझौते
तेलंगाना सरकार ने वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की 2024 और 2025 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) यात्राओं के दौरान कुल 44 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल निवेश राशि 2.19 लाख करोड़ रुपये है। मंत्री ने कहा कि ये सभी निवेश प्रस्ताव फिलहाल विभिन्न चरणों में लागू हो रहे हैं और इनसे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 68,150 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार ने भूमि आवंटन के जरिए अब तक 1,540 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। सरकार का फोकस निवेश को जमीन पर उतारने और रोजगार सृजन को गति देने पर है, ताकि तेलंगाना को प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत किया जा सके।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत, लीजिंग में 15% उछाल
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत बनी हुई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट कोलियर्स के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सात बड़े शहरों में कुल ऑफिस स्पेस लीजिंग 15 प्रतिशत बढ़कर 18.3 मिलियन वर्ग फुट हो गई। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के 15.9 मिलियन वर्ग फुट से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वृद्धि बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख बाजारों में देखने को मिली।
कोलियर्स ने कहा कि विभिन्न सेक्टरों से बढ़ती मांग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार ने इस तेजी को सहारा दिया है, जबकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। देश के सबसे बड़े ऑफिस मार्केट बेंगलुरु में लीजिंग गतिविधि में खासा उछाल देखने को मिला। यहां जनवरी-मार्च तिमाही में ऑफिस स्पेस लीजिंग 18 प्रतिशत बढ़कर 5.3 मिलियन वर्ग फुट हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 4.5 मिलियन वर्ग फुट थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, आईटी/आईटीईएस सेक्टर और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी के चलते प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद है।