पश्चिम एशिया संकट से खाद आपूर्ति पर खतरा, खरीफ सीजन से पहले बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत की खाद आपूर्ति पर पड़ता दिख रहा है। केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, बोआई के अहम खरीफ सीजन से पहले देश को खाद आयात में बाधा का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपने कुल खाद आयात का करीब 26.2% हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से करता है, जिससे मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच आपूर्ति बाधित होने का जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा जॉर्डन से 19.2%, रूस से 15.5%, मोरक्को से 10.4%, चीन से 5.7%, मिस्र से 5.6%, कनाडा से 3.8% और टोगो से 3.6% आयात होता है, जबकि अन्य देशों की हिस्सेदारी करीब 10% है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली सप्लाई पर असर पड़ा है, जो वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए एक अहम मार्ग है। इस वजह से भारत के लिए खाद आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब देश खरीफ सीजन की तैयारी कर रहा है और साथ ही एल नीनो की आशंका भी बनी हुई है, जिससे कृषि क्षेत्र पर दबाव और बढ़ सकता है।