जोमैटो और ब्लिंकिट ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी इटरनल को जीएसटी विभाग से तीन आदेश मिले हैं। इनमें ब्याज और जुर्माना सहित कुल 40 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स की मांग की गई है। ये आदेश संयुक्त आयुक्त-4 बेंगलुरु से जुलाई 2017 से मार्च 2020 तक की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।
इटरनल, जिसमें चार प्रमुख व्यवसाय शामिल हैं- जोमैटो, ब्लिंकिट, डिस्ट्रिक्ट और हाइपरप्योर- ने कहा कि वह इन टैक्स डिमांड ऑर्डस के खिलाफ अपील दायर करेगा।
इटरनल ने सोमवार को देर रात नियामक फाइलिंग में कहा, "कंपनी को 25 अगस्त 2025 को जुलाई 2017 से मार्च 2020 की अवधि के लिए संयुक्त आयुक्त, अपील-4, बेंगलुरु द्वारा पारित 3 आदेश प्राप्त हुए हैं, जिसमें 21,42,14,791 रुपये के ब्याज और 1,71,91,177 रुपये के जुर्माने के साथ 17,19,11,762 रुपये की जीएसटी की कुल मांग की पुष्टि की गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि हमारे पास गुण-दोष के आधार पर मजबूत मामला है, जिसे वकीलों के विचारों का समर्थन प्राप्त है और कंपनी उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेशों के विरुद्ध अपील दायर करेगी।"
आईटीसी ने सेंचुरी पल्प पेपर कारोबार को 3,498 करोड़ रुपये में खरीदने की सीसीआई से मंजूरी मांगी
आईटीसी लिमिटेड ने आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड (एबीआरईएल) के लुगदी और कागज कारोबार को 3,498 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने के लिए सीसीआई की मंजूरी मांगी है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) में दाखिल नोटिस के अनुसार, "प्रस्तावित लेन-देन, दोनों पक्षों के बीच निष्पादित व्यापार हस्तांतरण समझौते के अनुसार, एक चालू व्यवसाय के रूप में, अधिग्रहणकर्ता (आईटीसी लिमिटेड) को लक्षित व्यवसाय (एबीआरईएल का कागज और लुगदी विनिर्माण व्यवसाय) की बिक्री से संबंधित है।"
प्रोबो ने आरएमजी सेवाओं के बंद होने के बाद यूजर्स से वॉलेट में पड़ी शेष राशि निकालने की अपील की
ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम के तहत हालिया नियामक विकास के मद्देनजर रियल- मनी गेमिंग (आरएमजी) सेवाओं को बंद करने से संबंधित घोषणा के बाद, प्रोबो ने अपने उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी शेष राशि को तुरंत निकाल लें और यदि उन्होंने पहले से ऐसा नहीं किया है तो अपना केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन पूरा करें। प्रोबो ने दोहराया है कि उसके सभी उपयोगकर्ता बिना किसी रुकावट के अपनी धनराशि निकाल सकते हैं। निकासी की प्रक्रिया के लिए केवाईसी पूरा करना एक अनिवार्य कदम है। कंपनी के एक बयान के अनुसार, जिन उपयोगकर्ताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे आग्रह है कि वे ऐप के माध्यम से तुरंत ऐसा करें।