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बिटकॉइन में अचानक आई तेजी: क्रिप्टो के अच्छे दिन फिर लौटे, अमेरिकी बॉन्ड बाजार के फैसले से कैसे हुआ फायदा?

Fri, 21 Aug 2026 06:12 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिटकॉइन में तेज उछाल से क्रिप्टो बाजार में फिर उत्साह लौट आया है। बृहस्पतिवार को इसकी कीमत करीब 72000 डॉलर पहुंच गई और 24 घंटे में लगभग 11 फीसदी की तेजी दर्ज हुई। बाजार पूंजीकरण भी करीब 250 अरब डॉलर बढ़ा है। लेकिन यह तेजी कितनी टिकाऊ है? क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक पहुंच सकता है या फिर निवेशकों को मुनाफावसूली का सामना करना पड़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक पहुंच सकता है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। बुधवार को करीब 70,000 डॉलर पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को इसका भाव करीब 72,000 डॉलर तक पहुंच गया। जून 2026 के बाद यह पहली बड़ी तेजी बताई जा रही है। पिछले 24 घंटे में बिटकॉइन करीब 11 फीसदी चढ़ा है। पांच दिनों में इसमें करीब 14 फीसदी और एक सप्ताह में करीब नौ फीसदी की बढ़त हुई है। इस तेजी से वैश्विक क्रिप्टो बाजार का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 250 अरब डॉलर बढ़ गया है।

अमेरिकी बॉन्ड बाजार के फैसले से क्रिप्टो को कैसे फायदा हुआ?

बिटकॉइन की इस तेजी के पीछे अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड बायबैक योजना को एक अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के बॉन्ड की बायबैक राशि बढ़ाकर चार अरब डॉलर करने का फैसला किया है। इससे वित्तीय बाजार में अतिरिक्त नकदी आने की उम्मीद बनी है। बाजार में नकदी बढ़ने की उम्मीद से जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश का रुझान बढ़ा और इसका फायदा क्रिप्टोकरेंसी को भी मिला।

शॉर्ट पोजिशन खत्म होने से बिटकॉइन को कैसे मिला जोर?

बिटकॉइन की गिरावट पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को अचानक तेजी से बड़ा नुकसान हुआ। बुधवार को करीब चार घंटे के भीतर 1.4 अरब डॉलर की शॉर्ट पोजिशन खत्म हो गईं। इससे बाजार में तेजी से खरीदारी बढ़ी और बिटकॉइन की कीमत ऊपर चली गई। इसे क्रिप्टो बाजार में शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति के तौर पर देखा जा सकता है। यानी जिन निवेशकों ने कीमत गिरने की उम्मीद की थी, उन्हें अपनी पोजिशन बंद करने के लिए खरीदारी करनी पड़ी, जिससे तेजी और मजबूत हो गई।

क्या सिर्फ बिटकॉइन ही चढ़ा या दूसरी क्रिप्टो भी भागीं?

बिटकॉइन की तेजी का असर दूसरे बड़े क्रिप्टो टोकन पर भी दिखाई दिया। पिछले 24 घंटे में एथेरियम करीब 17 फीसदी चढ़ा और प्रमुख बढ़त वाले क्रिप्टो में शामिल रहा। ट्रंप टोकन में करीब 25 फीसदी, हाइपरलिक्विड में 19 फीसदी और अर्बीटरूम में करीब 15 फीसदी की तेजी दर्ज हुई। इसके अलावा बीएनबी, सलोना, डॉजीक्वाइन और कार्डानो जैसे प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी करीब 26 फीसदी तक की बढ़त देखी गई।

क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक पहुंच सकता है?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बिटकॉइन अगर 68,000 से 69,000 डॉलर के दायरे से ऊपर टिकता है तो निकट अवधि में तेजी बनी रह सकती है। क्रिप्टो विशेषज्ञ शुभम दुबे के मुताबिक तेज उछाल के बाद कुछ मुनाफावसूली या बाजार का कुछ समय स्थिर रहना सामान्य और सकारात्मक हो सकता है। उनके अनुसार 70,500 डॉलर एक अहम स्तर है। अगर बिटकॉइन इसके ऊपर बना रहता है तो 80,000 डॉलर तक जाने की संभावना बन सकती है।

क्या तेजी के बीच निवेशकों को सावधान रहना चाहिए?

बिटकॉइन में तेज बढ़त से बाजार में उत्साह जरूर लौटा है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बहुत तेज हो सकता है। मौजूदा तेजी में बॉन्ड बायबैक की उम्मीद और शॉर्ट पोजिशन खत्म होने जैसे कारणों की भूमिका रही है। इसलिए लगातार बढ़ती कीमत को देखकर यह मान लेना जोखिम भरा होगा कि तेजी हमेशा जारी रहेगी। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि बिटकॉइन 68,000 से 69,000 डॉलर के ऊपर अपनी स्थिति बनाए रखता है या नहीं। Bitcoin

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