फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या है यह बिटकॉइन: दुनियाभर में चर्चित और खबरों की सुर्खियां में रहती है यह

Wed, 02 Jun 2021 06:06 PM IST
अनिल पांडेय बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली

सार

कुछ साल पहले अचानक बिटकॉइन मुद्रा चर्चा में आई। यह एक ऑनलाइन मुद्रा है जो कि क्रिप्टोग्राफी प्रोग्राम पर आधारित है।
विज्ञापन
बिटकॉइन - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस मुद्रा के प्रसार में काफी तेज उछाल भी आया है। हाल ही में बैटरी चलित वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला के मुखिया एलन मस्क की वजह से भी यह काफी सुर्खियों में रही है। आपको बता दें कि बिटकॉइन की प्रीमियम लागत का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बिटकॉइन मूल्य तथा रुपये-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करता है।

विज्ञापन


स्वर्ण (सोना) की तरह बिटकॉइन को भी डॉलर के जोखिमों से बचाव के लिए एक उपकरण के रूप में प्रयोग किया जाता है। हालांकि पिछले कुछ सप्ताह में बिटकॉइन में निवेश करने वालों का मुनाफा घटा भी है। पिछले कुछ समय से भारत तथा चीन ने अपनी स्वर्ण मांग में भारी कमी की है। चीन ने स्वर्ण के आयात एवं व्यापार को सख्त करने के उद्देश्य से अनौपचारिक नियंत्रण स्थापित किया है।

शुरुआती दौर में बिटकॉइन संदेह के घेरे में रही थी। लेकिन जैसे-जैसे ई-कॉमर्स के कार्य क्षेत्र में प्रसार होता गया, इसका प्रसार और उपयोग बढ़ता गया। भारत में अधिकतर बिटकॉइन मुद्रा का प्रसार चीन से होता है। हालांकि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी एक बयान में साफ तौर पर कहा जा चुका है कि बिटकॉइन एक करेंसी अथवा मुद्रा नहीं है।
विज्ञापन


जोखिम एवं नियम

बिटकॉइन की सबसे बड़ी समस्या इसका ऑनलाइन होना हैं, क्योंकि संपूर्ण व्यवस्था ऑनलाइन होने के कारण इसकी सुरक्षा एक बहुत बड़ी समस्या बनी रहती है। दरअसल, इसी वजह से इसके हैक होने का खतरा बना रहता है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या इसके नियंत्रण एवं प्रबंधन की है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट के अविष्कार के बाद तकनीकी रूप से यह 21वीं सदी की दूसरी सबसे बड़ी क्रांतिकारी खोज है। हालांकि, बहुत से आर्थिक विशेषज्ञों ने इससे दूरी बनाए रखने यानी बिटकॉइन के अंतर्गत निवेश न करने की सलाह भी दी है।

क्या है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टो-करेंसी है, जो तत्काल भुगतान को सक्षम बनाती है। बिटकॉइन को वर्ष 2009 में दुनिया के सामने पेश किया गया था। यह एक ओपन-सोर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है और इसे किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है।

बिटकॉइन की उत्पत्ति को लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। कई लोग मानते हैं कि वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के बाद सातोशी नाकामोतो नामक व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा बिटकॉइन के रूप में पहली क्रिप्टो-करेंसी विकसित की गई थी, हालांकि सातोशी नाकामोतो के बारे में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें