फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Big Bull: राकेश झुनझुनवाला ने ₹5 हजार के निवेश से खड़ा किया ₹40 हजार करोड़ का एम्पायर, इन्हें मानते थे गुरु

Mon, 14 Aug 2023 01:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Big Bull: मुम्बई में 5 जुलाई 1960 को जन्मे राकेश झुनझुनवाला के पिता एक इनकम टैक्स अधिकारी थे। बचपन से ही राकेश के मन में शेयर बाजार को समझने की जिज्ञासा थी। साल 1985 में अपनी सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्टॉक मार्केट में अपना भविष्य आजमाया।
विज्ञापन
राकेश झुनझुनवाला का परिवार - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के वारेन बफेट कहलाने वाले राकेश झुनझुनवाला की आज (14 अगस्त 2023) पहली पुण्यतिथि है। उनका निधन 14 अगस्त 2022 को हो गया था। राकेश झुनझुनवाला एक ऐसे दिग्गज निवेशक थे जिनको भारत के विकास की कहानी और अर्थव्यवस्था पर पूरा भरोसा था। वे मानते थे कि 21वीं सदी का आने वाला समय भारत का ही है। अपनी समझदारी भरी निवेश रणनीतियों के कारण झुनझुनवाला अपने पीछे 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति छोड़ गए थे। शेयर बाजार के बारे में उनकी दमदार समझ के कारण उन्हें भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' (Big Bull) कहा गया। राकेश झुनझुनवाला कहते थे, "बाजार में कोई किंग नही होता और जो किंग होता है उसको बाजार जल्दी देख लेता है।"

विज्ञापन


मुम्बई में 5 जुलाई 1960 को जन्मे राकेश झुनझुनवाला के पिता एक इनकम टैक्स अधिकारी थे। बचपन से ही राकेश के मन में शेयर बाजार को समझने की जिज्ञासा थी। साल 1985 में अपनी सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्टॉक मार्केट में अपना भविष्य आजमाया। वो दौर भी ऐसा था जिस समय भारत ग्लोबलाइजेशन और उदारीकरण की तरफ बढ़ रहा था। यह कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ा बूम स्टार्ट होने वाला था।

राकेश झुनझुवाला ने साल 1985 में महज 5000 रुपये की पूंजी के साथ शेयर बाजार में अपने सफर की शुरूआत की। सितंबर 2018 में उनकी पूंजी बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गई। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार उस समय संपत्ति के मामले में वे भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में 48वें नंबर पर थे। जुलाई 2022 में उनका नेटवर्थ करीब 550 बिलियन डॉलर (भारतीय रुपयों में करीब 55000 करोड़ रुपये) है। वे देश के अमीरों की सूची में 36 वें नंबर पर थे।
विज्ञापन


शेयर बाजार में झुनझुनवाला को हमेशा एक रिस्क लेने वाला ट्रेडर माना गया। बताया जाता है कि उन्होंने अपने भाई के ग्राहकों से यह कहकर पैसे लिए थे कि वे उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट से अधिक का रिटर्न देंगे और उन्होंने ऐसा करके दिखाया था। झुनझुनवाला ने जिस समय अपना करियर शुरू किया, उस समय उनके पास पैसे नहीं थे। अपने भाई के सहयोग से उन्हें 2 क्लाइंट मिले जिन्होंने झुनझुनवाला पर भरोसा दिखाया और 7.5 लाख का निवेश किया। यहीं से उनका करियर स्टार्ट हुआ।

1986 में सबसे पहले मुनाफा उन्होंने टाटा टी में कमाया। 43 रु. पर उन्होंने 5000 शेयर खरीदकर उसको 3 महीने में 143 में बेचा। 5 लाख का प्रॉफिट उस समय बड़ा पैसा होता था। राकेश ने इसको  पहचान लिया था कि निवेशक के तौर पर ये एक सही समय है और उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग बना। 1989 में वीपी सिंह की सरकार आने वाला बजट और राकेश का नाम शेयर बाजार में पहली बार आया, उनका फोकस हमेशा से निवेश का रहा, वह भी लंबे समय के लिए।

1989 के बजट के बाद जहां सारा उद्योग जगत के दौर से गुजर रहा था, वहीं राकेश इसका उल्टा देख रहे थे। उन्होंने उस तेजी को पहचान लिया था। इसी दौरान एक समय आया हर्षद मेहता और केतन पारिख हर्षद मेहता स्कैम के कारण बाजार धराशाई हो गया और राकेश उस समय भी बाजार की नब्ज को समझते हुए चल रहे थे। एक बार उन्होंने कहा था कि अगर हर्षद मेहता का यूफोरिया एक महीने और चल जाता तो वो दिवालिया भी हो सकते थे पर किस्मत ने उनका साथ दिया और बिग बुल का सितारा फिर चमक गया।

समय के साथ-साथ उनका कारोबार भी बड़ा हो चला था। उन्होंने रेयर एंटरप्राइजेज के नाम से अपनी कंपनी बनाए। ये कम्पनी उन्होंने अपने और पत्नी के नाम पर 2003 में शुरू की थी। इसमें आरए राकेश झुनझुनवाला के नाम से और आरआई रेखा झुनझुनवाला के नाम से लिया गया था।

साल 2002 से 2004 के बीच का राकेश ने भारतीय बाजार में बड़ी तेजी को देखी और निवेशक के तौर पर बाजार में मजबूती से जुड़े रहे। उनको बाजार के छोटे गिरावट से कोई फर्क नही पड़ता था। उस दौरान उन्होंने टाटा समूह की कंपनी टाइटन में निवेश किया। उन्होंने 3 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कंपनी के 6 करोड़ शेयर में निवेश किया औऱ टाइटन 2022 में 2300 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए थे। वर्तमान में कंपनी के शेयर 3000 रुपये प्रति शेयर के भाव के आसपास के कारोबार कर रहे हैं। राकेश हमेशा इकॉनमी की ग्रोथ पर फ़ोकस करते थे, उनका मानना था कि बाजार में छोटे-मोटे झटके लग सकते है लेकिन वह लंबे समय में बाजार की ऊंचाई जाता ही है।

राधाकिशन दमानी को अपना गुरु मानने वाले राकेश कहते थे कि आने वाला भविष्य सिर्फ और सिर्फ भारत में निवेश का है, भारत मे अभी और ग्रोथ आना बाकी है। राकेश झुनझुनवाला के परिवार में उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला के अलावा बेटी निष्ठा और दो बेटे आर्यमन व आर्यवीर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें