कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। शुक्रवार को आईपीओ खुलने के महज कुछ ही मिनटों में इसे पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया। सभी कैटेगरी के निवेशकों ने बीसीसीएल के शेयरों में रुचि दिखाई है।
एनएसई के 11.15 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार आईपीओ में प्रस्तावित 34,69,46,500 शेयरों के मुकाबले करीब 2.43 गुना बोलियां लगीं। निवेशकों की ओर से 84,15,46,800 शेयरों के लिए बोलियां लगाई गई। गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से ऑफर को करीब 3.79 गुना तक सब्सक्राइब किया गया। वहीं, खुदरा निवेशकों के सेगमेंट में 3.35 गुना अधिक बोली लगी। योग्य संस्थागत खरीदरों यानी क्यूआईबी सेगमेंट में एक प्रतिशत सबक्रिप्शन मिला।
बीसीसीएल ने इससे पहले गुरुवार को बताया था कि उसने एंकर निवेशकों से पहले ही 273 करोड़ रुपये हासिल कर लिए हैं। कंपनी का 1071 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 जनवरी को बंद हो रहा है। ओएफएस के जरिए लाए गए इस आईपीओ के लिए 21 से 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। इस आईपीओ के लिए कंपनी का मूल्यांकन 10,700 करोड़ आंका गया है।
कंपनी ने आईपीओ के लिए अपने मसौदे (रेड हेयरिंग प्रास्पेक्टस) में बताया है कि यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तौर पर ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के तहत लाया गया है। इसके जरिए कोल इंडिया अपने 45.57 करोड़ के शेयरों की बिक्री कर रही है।
बीसीसीएल का गठन वर्ष 1972 में झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज के कोयला खदानों में मानिंग और वहां से कोकिंग कोल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। बीसीसीएल का यह आईपीओ 2025 में प्रारंभिक बाजार के शानदार प्रदर्शन के बाद आया है।
वर्ष 2025 में घरेलू कंपनियों ने इक्विटी बाजार आईपीओ के जरिए करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह मजबूत घरेलू लिक्विडिटी, निवेशकों के रुख में लचीलेपन और आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक माहौल का संकेत है। इससे पहले 2024 में करीब 90 कंपनियां ने 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। 2023 में 57 कंपनियां महज 49,436 करोड़ रुपये ही जुटा पाई थी।