अगले कुछ हफ्तों में बैंक बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने के लिए तैयार हैं, ताकि यील्ड में गिरावट का फायदा उठाया जा सके। साथ ही कर्ज मांग में तेजी के बीच पूंजी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। बैंक ऑफ इंडिया टियर-1 बॉन्ड से इस माह के अंत तक 15 अरब रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने टियर- 2 बॉन्ड के माध्यम से 22 अरब रुपये तक जुटाने की योजना बनाई है। जम्मू और कश्मीर बैंक भी टियर- 2 बॉन्ड से 15 अरब रुपये जुटाने की तैयारी में है। बढ़ती क्रेडिट मांग को पूरा करने के लिए बैंक बॉन्ड के रूप में अतिरिक्त पूंजी जुटा रहे हैं ताकि उनकी बैलेंस शीट का आकार बढ़ाया जा सके।
कोटक भी लाइन में
कोटक महिंद्रा बैंक की 7 साल के इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के जरिए 15 अरब रुपये जुटाने की योजना है। एसबीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड से 100 अरब जुटाने पर भी विचार कर रहा है। विश्लेषकों ने कहा, इस तरह के बॉन्ड में निवेश करने और पिछले कुछ वर्षों में ब्याज दरों की तुलना में ज्यादा कमाई का अवसर है।
ब्याज दरों की वृद्धि कम कर सकता है आरबीआई
लंबे समय के निवेशक, जो राज्य की संस्थाओं द्वारा जारी किए गए शीर्ष रेटेड कॉर्पोरेट बॉन्ड की तलाश में हैं, वे लंबी अवधि के बॉन्ड में फिर से निवेश करने के इच्छुक हैं। अमेरिका और भारत में अक्तूबर की खुदरा महंगाई में कमी के बाद उधार लेने की लागत में गिरावट के कारण कई गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) और राज्यों की कंपनियों सहित कॉर्पोरेट पहले से ही कर्ज लेने की कतार में हैं। महंगाई के आंकड़ों से आरबीआई ब्याज दरों की वृद्धि कम कर सकता है।
रुपये और दिरहम में हो सकता है कारोबार
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के केंद्रीय बैंक लेनदेन लागत को कम करने के उद्देश्य से रुपये और दिरहम में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चर्चा कर रहे हैं। यूएई में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने कहा कि स्थानीय मुद्राओं में कारोबार के लिए चर्चा पत्र भारत द्वारा साझा किया गया था। दोनों देशों के केंद्रीय बैंक मानक संचालन प्रक्रियाओं और तौर-तरीकों पर चर्चा करेंगे।