Rate Cut: ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने अर्थव्यवस्था को गति देने और महंगाई के मोर्चे पर मिली मामूली राहत के बाद मौद्रिक नीति समिति की बैठक में प्रमुख ब्याज दर को 4% से घटाकर 3.75% कर दिया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने अर्थव्यवस्था को गति देने और महंगाई के मोर्चे पर मिली मामूली राहत को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में प्रमुख ब्याज दर को 4% से घटाकर 3.75% कर दिया गया है। पिछले चार महीनों में यह पहली कटौती है, जो ब्रिटिश उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए कर्ज की लागत में कमी का संकेत दे रही है।
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ब्याज दरों में कटौती का यह निर्णय सर्वसम्मति से नहीं लिया गया। बैंक की मौद्रिक नीति समिति के नौ सदस्यों के बीच इस मुद्दे पर गहरी असहमति दिखी। अंततः 5-4 के बहुमत से दरों को एक चौथाई प्रतिशत अंक (25 bps) घटाने का फैसला किया गया। जहां पांच सदस्य सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा देने के पक्ष में थे, वहीं चार सदस्यों का मानना था कि महंगाई अभी भी बैंक के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है, इसलिए दरों में कटौती में जल्दबाजी जोखिम भरी हो सकती है।
इस कटौती के पीछे सबसे बड़ा कारण बुधवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) द्वारा जारी रिपोर्ट रही। आंकड़ों के अनुसार नवंबर तक की वार्षिक मुद्रास्फीति: 3.6% से घटकर 3.2% रह गई है। यह आंकड़ा बैंक ऑफ इंग्लैंड के अपने अनुमान (3.4%) से भी बेहतर रहा।
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महंगाई में आई इस गिरावट ने नीति निर्माताओं को यह विश्वास दिलाया कि अब अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत देने का समय आ गया है। बैंक ऑफ इंग्लैंड पर ब्याज दरें घटाने का दबाव केवल महंगाई से ही नहीं, बल्कि गिरते रोजगार बाजार से भी था। हालिया आंकड़ों ने ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर बढ़कर 5.1% हो गई है, जो जनवरी 2021 के बाद का उच्चतम स्तर है।