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BOB Report: तीन फीसदी से नीचे आ सकती है खुदरा महंगाई, खाद्य कीमतों में गिरावट बेहतर प्रबंधन का नतीजा

सार

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल के आंकड़ों में खुदरा महंगाई की दर तीन फीसदी से नीचे जा सकती है। इसके आंकड़े अगले हफ्ते जारी होंगे। पिछले कुछ समय से खाद्य वस्तुओं खासकर दालों और सब्जियों के भाव में भारी गिरावट आई है जिसका असर खुदरा महंगाई पर दिखेगा।
 
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खुदरा महंगाई दर (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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ऊंची ब्याज दरों से राहत मिलने के बाद अब आम लोगों को महंगाई से भी राहत मिल सकती है। बैंक ऑफ बड़़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल के आंकड़ों में खुदरा महंगाई की दर तीन फीसदी से नीचे जा सकती है। इसके आंकड़े अगले हफ्ते जारी होंगे। पिछले कुछ समय से खाद्य वस्तुओं खासकर दालों और सब्जियों के भाव में भारी गिरावट आई है जिसका असर खुदरा महंगाई पर दिखेगा।

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रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई में कमी से आरबीआई को दरों में कटौती का और अवसर मिलेगा। जून में होने वाली बैठक में रेपो दर में ज्यादा कटौती हो सकती है। टमाटर, प्याज और आलू उत्पादक राज्यों में गर्मी में कमी आई है। टमाटर की खुदरा कीमत अगस्त, 2024 के बाद से सबसे कम हो गई है। यह अप्रैल, 2025 में सालाना आधार पर 34.4% कम हो गई है। आलू और प्याज की कीमतें अप्रैल, 2025 में सालाना आधार पर क्रमशः 11% और 5.7% घटी हैं।

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चावल की खुदरा कीमत 4.1% घटी
चावल की खुदरा कीमत मार्च की तुलना में अप्रैल में 4.1% की घटी है। हालांकि, खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आई हैं, पर यह खुदरा महंगाई को प्रभावित करने की स्थिति में नहीं हैं। टमाटर, प्याज और आलू की आवक में जबरदस्त से कीमतों में गिरावट है।
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खाद्य कीमतों में गिरावट बेहतर प्रबंधन का नतीजा
उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि खाद्य कीमतों में जो गिरावट आ रही है वह सरकार के बेहतर प्रबंधन का नतीजा है। पिछले साल अलनीनो और भारी गर्मी की वजह से फसलों के उत्पादन और आवक पर असर पड़ा था। इससे महंगाई बढ़ी थी। हालांकि, पीली मटर और चना का आयात करना पड़ा जिससे उपलब्धता बढ़ गई। प्याज और दाल की कीमतों को कम करने के लिए सरकार ने सस्ते भाव पर ग्राहकों को बेचा। अब गर्मी सही है, बारिश का अनुमान अच्छा है तो दालों की पैदावार के साथ सब्जियों की भी कीमतें नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।

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