एक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ जून तिमाही में लगभग चार प्रतिशत घटकर 5,806 करोड़ रुपये रह गया। बैंक ने बताया कि लाभ में यह गिरावट गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में मामूली वृद्धि के कारण हुई है। एक्सिस बैंक ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि 2025-26 की जून तिमाही के दौरान कुल आय बढ़कर 38,322 करोड़ रुपये हो गई है।
निजी क्षेत्र के इस बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 6,035 करोड़ रुपये का एकल लाभ अर्जित किया था। यह वित्त वर्ष 25 की इसी तिमाही में 35,844 करोड़ रुपये थी। बैंक द्वारा अर्जित ब्याज वित्त वर्ष 2025 की जून तिमाही के 30,061 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 31,064 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान बैंक का परिचालन लाभ बढ़कर 11,515 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 10,106 करोड़ रुपये था।
ये भी पढ़ें: Adani Deal: अदाणी समूह ने अदाणी विल्मर में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, 7150 करोड़ रुपये में सौदा
विप्रो का मुनाफा पहली तिमाही में 9.8 प्रतिशत बढ़कर 3,336.5 करोड़ रुपये
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो का समेकित कर पश्चात लाभ जून तिमाही में 9.8 प्रतिशत बढ़कर 3,336.5 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि एक साल पहले इसी अवधि में उसे 3,036.6 करोड़ रुपये का कर-पश्चात लाभ हुआ था।
विप्रो का परिचालन से समेकित राजस्व अप्रैल-जून अवधि के दौरान मामूली रूप से बढ़कर 22,134.6 करोड़ रुपये हो गया। यह एक साल पहले इसी अवधि में 21,963.8 करोड़ रुपये था।
पहली तिमाही के नतीजों के बाद टेक महिंद्रा के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट
टेक महिंद्रा ने बुधवार को बताया कि 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ साल-दर-साल आधार पर लगभग 34 प्रतिशत बढ़कर 1,140.6 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि संचार और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में वृद्धि के कारण हुई। इस घोषणा के बाद आईटी सेवा कंपनी टेक महिंद्रा के शेयरों में गुरुवार को करीब तीन प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी का जून तिमाही का शुद्ध लाभ क्रमिक आधार पर घट गया।
बीएसई पर कंपनी का शेयर 2.76 फीसदी गिरकर 1,563.50 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, दिन के कारोबार में यह 2.91 फीसदी गिरकर 1,561 रुपये पर आ गया। वहीं एनएसई में कंपनी के शेयर 2.71 प्रतिशत गिरकर 1,564.20 रुपये पर आ गए। कंपनी का बाजार मूल्यांकन 4,318.14 करोड़ रुपये घटकर 1,53,099.15 करोड़ रुपये रह गया। सेंसेक्स कंपनियों में यह शेयर सबसे अधिक पिछड़ने वाला रहा।