भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए एक प्रमुख विमानन बाजार है और उम्मीद है कि हवाई यात्रा की मांग मजबूत होगी। वैश्विक एयरलाइंस के समूह आईएटीए ने मंगलवार को देश के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या कोविड पूर्व के स्तर पर पहुंचने के बीच ये बातें कहीं हैं।
COVID-19 महामारी की चपेट में आने के बाद भारतीय विमानन क्षेत्र रिकवरी की राह पर हैं और एयरलाइंस भी अपने कर्मचारियों के साथ-साथ बढ़ती यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए मार्गों का विस्तार कर रहे हैं। 9 अक्टूबर को घरेलू हवाई यात्रियों की दैनिक संख्या 4 लाख को छू गई, जो कोविड पूर्व के स्तर के करीब थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस उपलब्धि को ‘महान संकेत’ के रूप में वर्णित किया।
भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र यात्रियों, विमानों और हवाई अड्डे के मामले में अभूतपूर्व वृद्धि के लिए तैयार है। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अगस्त में कहा था कि देश में 2027 तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सहित 40 करोड़ हवाई यात्रियों के होने का अनुमान है।
मंगलवार को एक ऑनलाइन ब्रीफिंग के दौरान एशिया प्रशांत के लिए आईएटीए के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष फिलिप गोह ने कहा कि भारतीय बाजार एक बहुत ही महत्वपूर्ण बाजार है और पहले से ही दुनिया के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा मैं देख सकता हूं कि कई एयरलाइन कंपनियां भारत में नेटवर्क शुरू कर रही हैं, फिर से शुरू कर रही हैं या विस्तार कर रही हैं। निश्चित रूप से इस क्षेत्र और बाकी दुनिया के लिए भारत एक प्रमुख बाजार है।