विदेश यात्रा पर जाने वाले सैलानियों को वहां की नकदी रखना काफी मुश्किल काम होता है और आप अगर कई देशों की यात्रा पर हैं तो सभी जगह की नकदी रखना संभव नहीं हो सकेगा। साथ ही इनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहेगी। ऐसे में पेमेंट और प्रीपेड कार्ड विदेश यात्रा पर जाने वालों के लिए कही भी भुगतान को आसान बनाते हैं और सुरक्षा को लेकर भी परेशानी नहीं होती।
-मुरली नायर, उपाध्यक्ष व बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख, वीजा (इंडिया)
भारतीय अब गर्मियों की छुट्टी में घर बैठने के बजाय बाहर निकल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में विदेश जाने वाले सैलानियों की संख्या काफी बढ़ी है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका प्लास्टिक मनी और पेमेंट कार्ड की है। ग्लोबल फाइनेंस कंपनी वीजा के एक अध्ययन में बताया कि पेमेंट कार्ड से विदेश में भुगतान काफी सरल हो गया है, जिसने भारतीयों के सैर-सपाटे को आसान बना दिया है।
प्लास्टिक मनी और भारतीयों की विदेश यात्राओं से जुड़े इस अध्ययन में कहा गया है कि पहले विदेश घूमने के लिए भारतीयों की सूची में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, सिंगापुर, इंग्लैंड और हांगकांग होते थे। वहीं, 2019 में यह ट्रेंड बदला और टॉप 10 देशों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, फ्रांस और इटली इटली शामिल हो गए। इस बदलाव में प्लास्टिक मनी की बड़ी भूमिका है। पे
मेंट कार्ड की वजह से लोगों को स्थानीय नकदी रखने की झंझट नहीं होती। 84 फीसदी भारतीय विदेश यात्रा की तमाम बुकिंग पेमेंट कार्ड से करते हैं और जहां घूमने जाते हैं वहां भी 50 फीसदी खर्च कार्ड से करते हैं। वीजा विदेश में उनका फेवरेट पेमेंट कार्ड है लेकिन देश में उसे मास्टर कार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस से चुनौती मिल रही है। घुमंतू भारतीयों की बढ़ती संख्या देखकर अब तमाम पेमेंट कार्ड कंपनियां आकर्षक ऑफर दे रही हैं।
नहीं छूट रहा नकदी का मोह
पेमेंट कार्ड के तमाम ऑफर के बावजूद भारतीयों का नकदी मोह नहीं छूट रहा और विदेश जाने वाले भारतीय सैलानियों का करेंसी रखने का औसत वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है। वैश्विक औसत जहां एक हजार डॉलर (70 हजार रुपये) है, वहीं भारतीय अपनी जेब में करीब 1600 डॉलर (एक लाख 12 हजार रुपये) नकद लेकर चलते हैं। सर्वे के मुताबिक, विदेश यात्रा करने वाले भारतीय 2017 में जहां औसतन 5.6 बार बाहर जा रहे थे, वहीं 2019 में निजी या कारोबारी मकसद से औसतन 6.5 बार विदेश जाने का अनुमान है।
1.12 लाख रुपये औसतन रखते हैं विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय सैलानी
परिवार संग समय बिताने वाले सबसे ज्यादा
अध्ययन के मुताबिक, 87 फीसदी भारतीयों के लिए विदेश यात्रा का मकसद परिवार के साथ मिलकर मौज-मस्ती करना, विदेशी संस्कृति से रूबरू होना या तनाव दूर करना है। छुट्टियों में एक परिवार से औसतन चार लोग जाते हैं। 58 प्रतिशत अपने जीवनसाथी/प्रेमी-प्रेमिका के साथ तो 36 प्रतिशत अभिभावक और बच्चों के संग होते हैं। 26 फीसदी दोस्तों-सहकर्मी के साथ और 21 फीसदी बुजुर्ग माता-पिता के साथ विदेश घूमने जाते हैं। भारतीयों की 58 फीसदी यात्राएं बिजनेस के सिलसिले में भी होती हैं, जबकि 16 फीसदी शिक्षा के लिए जाते हैं। 7 फीसदी शौकिया विदेश जाते है। ज्यादातर भारतीय पैकेज टूर पर विदेश यात्रा सुविधाजनक मानते हैं।
58 फीसदी लोग पत्नी या प्रेमिका के साथ जाते हैं विदेश यात्रा
मौज-मस्ती के लिए खर्चे में सबसे आगे भारतीय
विदेश घूमने जाने वाले भारतीय सैलानी मौज-मस्ती के लिए खुलकर पैसे खर्च करते हैं। अन्य देशों के मध्यवर्गीय सैलानियों का विदेश यात्रा पर औसत खर्च जहां 1677 डॉलर (एक लाख 17 हजार रुपये) आता है, वहीं भारतीयों का औसत खर्च 2334 डॉलर (एक लाख 63 हजार रुपये) होता है। यह खर्च मुख्य रूप ड्यूटी फ्री चीजों की खरीदारी से लेकर खाने-पीने और विभिन्न जगहें देखने पर होता है। 38 फीसदी भारतीय मानते हैं कि उन्हें विदेश यात्रा में बजट तक सीमित रहना है, वहीं 62 फीसदी मानते हैं कि यात्रा का रोमांच बढ़ाने के लिए थोड़ा खर्च बढ़ाना पड़े तो हर्ज नहीं।
1.63 लाख रुपये औसतन खर्च करते हैं विदेश यात्रा करने वाले भारतीय
यहां मिल रहा आकर्षक ऑफर
-स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक विदेश घूमने वालों को प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट्स दे रहे हैं। इन प्वाइंट्स से हवाई टिकट, होटल और विदेश में खरीदारी पर बड़ा डिस्काउंट मिलेगा।
-बजाज फिनसर्व ने रत्नाकर बैंक लिमिटेड (आरबीएल) के साथ ‘बजाज फिनसर्व-आरबीएल सुपर कार्ड’ विदेश घूमने वालों के लिए बनाया है। भारतीय नकदी में यह चार कार्ड (क्रेडिट, कैश, ईएमआई और लोन) की सुविधा एक साथ देता है। इसके अलावा बजाज फिनसर्व मात्र 699 रुपये में तीन लाख रुपये तक का ‘हॉलीडे कवर’ बीमा भी दे रहा है।
-एसबीआई का कार्ड थाईलैंड, तुर्की और मलयेशियाई विमान कंपनियों से यात्रा पर 15 प्रतिशत से पांच हजार रुपये तक डिस्काउंट दे रहा है।
-डिजीबैंक के डीबीएस क्रेडिट कार्ड या एयरटेल मनी से इंडिगो फ्लाइट के टिकट कराने पर कैशबैक के ऑफर हैं।
-फ्लाइट और होटल की डील साथ करें तो स्पाइस जेट के वैकेशन ऑफर में 40 फीसदी तक डिस्काउंट मिल सकता है।