देश के वित्तीय क्षेत्र में डिजिटलीकरण बढ़ने के चलते वित्त वर्ष 2025 में स्वचालित टेलर मशीनों (एटीएम) की संख्या में मामूली रूप से कम हुई है। आरबीआई की ओर से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।
वित्त वर्ष 2025 के लिए भारत में बैंकिंग के रुझान और प्रगति पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से नेटवर्क विस्तार के चलते बैंक शाखाओं की संख्या में 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि निजी क्षेत्र के बैंकों की रणनीतियों के कारण एटीएम की कुल संख्या में और गिरावट आई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 2,53,417 से घटकर 31 मार्च, 2025 तक 2,51,057 रह गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी क्षेत्र के बैंकों के एटीएम नेटवर्क में पिछले वर्ष की तुलना में 79,884 की गिरावट आई है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम नेटवर्क में भी पिछले वर्ष की तुलना में 1,34,694 की गिरावट आई है, जो घटकर 1,33,544 रह गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह गिरावट दोनों समूहों द्वारा ऑफसाइट एटीएम बंद करने के कारण हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "भुगतान के डिजिटलीकरण में वृद्धि से एटीएम के माध्यम से लेनदेन करने की ग्राहकों की आवश्यकता कम हो गई है।" स्वतंत्र रूप से संचालित व्हाइट लेबल एटीएम की संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि के 34,602 से बढ़कर 36,216 हो गई है।