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Assam Budget: असम में हिमंत सरकार के वित्त मंत्री का पहला बजट भाषण, कहा- इस साल खर्च का अनुमान 2.85 लाख करोड़+

Fri, 10 Jul 2026 12:31 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।

सार

Assam Budget: असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में वित्त मंत्री जेएम बरुआ ने आज अपना पहला बजट भाषण दिया। विधानसभा में बजट पेश करते समय उन्होंने कहा कि इस साल खर्च का अनुमान 2.85 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने विभागवार कितनी राशि का आवंटन किया गया, इसका ब्योरा भी पेश किया। जानिए असम के बजट की खास बातें
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असम सरकार ने पेश किया 2026 का बजट - फोटो : अमर उजाला-एएनआई
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विस्तार
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असम विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने अपने पहले बजट भाषण में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान लगाया गया है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बरुआ ने कहा, असम के बजट में छोटे चाय उत्पादकों के लिए कृषि कर छूट का लाभ उठाने हेतु वार्षिक आय सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

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सरकार की प्राथमिकता वाले सेक्टर कौन से?
बजटीय आवंटन के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है? वित्त मंत्री ने विभागवार आवंटन पर क्या कहा? शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में खर्च को लेकर सरकार की योजना क्या है? इस खबर में जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब

वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ के बजट भाषण की प्रमुख बातों में क्या?

  • असम सरकार स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस पर VAT को 14.5% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव कर रही है।
  • 10 वर्षों में असम की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़कर 2025-26 वित्तीय वर्ष में 1,85,429 रुपये हो गई है।
2.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट, चाय उत्पादकों को क्या मिलेगा?
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असम सरकार ने 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए छोटे चाय उत्पादकों के लिए राहत का एलान भी किया। सरकार ने कहा कि कर छूट की सीमा को चार गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही, पाइप वाली प्राकृतिक गैस पर वैट में करीब 10 फीसदी की कटौती का भी प्रस्ताव किया गया है।

अपने पहले बजट भाषण में वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की घोषणा भी की। उन्होंने कई अहम आंकड़े भी पेश किए, जिनसे राज्य की वित्तीय स्थिति का पता चलता है। एक नजर आंकड़ों, बजट अनुमान और व्यय पर:
  • सरकार का लक्ष्य बजट घाटे को 419 करोड़ रुपये तक कम करना है।
  • असम सरकार को समेकित कोष के तहत 1,51,843.23 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।
  • सार्वजनिक खाते के तहत 1,34,466.22 करोड़ रुपये मिले।
  • आकस्मिक निधि के तहत 2,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति।
  • कुल प्राप्तियां 2,88,309.45 करोड़ रुपये।
  • वित्त वर्ष  2026-27 में समेकित कोष से कुल व्यय 1,56,714.88 करोड़ रुपये अनुमानित है।
  • इस साल सार्वजनिक खाते में 1,26,369.57 करोड़ रुपये रहेंगे।
  • आकस्मिक निधि के तहत 2,000 करोड़ रुपये के व्यय को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष का कुल अनुमानित व्यय 2,85,084.45 करोड़ रुपये है।
घाटे और कर कटौती पर क्या बोली असम सरकार? 
वित्त मंत्री के मुताबिक 3,644.26 करोड़ रुपये के शुरुआती घाटे के साथ, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक बजट घाटा 419.26 करोड़ रुपये होगा। जो राज्य के सकल घरेलू  उत्पाद (जीएसडीपी) का 3 फीसदी है। छोटे चाय उत्पादकों को राहत देने के लिए, कृषि आय कर छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। घरेलू ऊर्जा लागत को कम करने, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और शहर गैस आपूर्ति विस्तार का समर्थन करने के लिए, पाइप वाली प्राकृतिक गैस पर वैट को 14.5 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का प्रस्ताव है।

क्या असम में बढ़ रही है प्रति व्यक्ति आय?
असम सरकार का दावा है कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2015-16 वित्तीय वर्ष में 60,817 रुपये से बढ़कर 2025-26 वित्तीय वर्ष में 1,85,429 रुपये हो गई है। यह दर्शाता है कि असम की वृद्धि की कहानी अधिक व्यापक और समावेशी बन रही है।
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