दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों में सातवें नंबर पर मौजूद और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी ने आखिरकार सीमेंट कारोबार में अपनी दमदार दस्तक दे दी है। रविवार को अदाणी ग्रुप देश में सीमेंट उत्पादन के मामले में एक झटके में दूसरे नंबर पर आ गया है। दरअसल, अदाणी ने स्विट्जरलैंड के होल्सिम ग्रुप से अंबुजा और एसीसी सीमेंट कंपनियों को खरीदा है। यह सौदा 10.5 अरब डॉलर यानी करीब 82,000 करोड़ रुपये में हुआ है।
अब तक की सबसे बड़ी डील
अदाणी-होल्सिम डील देश के इतिहास में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैटेरियल सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील है। इस डील के साथ बंदरगाह से लेकर एनर्जी के क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम रखने वाले अदाणी समूह का सीमेंट के क्षेत्र में भी प्रवेश हो गया है। यहां बता दें कि होल्सिम और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों के पास अंबुजा सीमेंट में 63.19 फीसदी और एसीसी में 54.53 फीसदी हिस्सेदारी है। अदाणी ने दोनों कंपनियों में होल्सिम की हिस्सेदारी के लिए ये बड़ा सौदा किया है।
कंपनी के पास भारत में तीन ब्रांड
बीते कुछ समय पहले होल्सिम की ओर से भारत से अपना कारोबार समेटने का एलान किया था। बता दें कि भारत में होल्सिम कंपनी के पास तीन प्रमुख ब्रांड हैं, जिनमें अंबुजा सीमेंट, एसीसी लिमिटेड और माइसेम शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में गौतम अदाणी ने बंदरगाह परिचालन, बिजली संयंत्रों और कोयला खदानों के अपने मूल कारोबार के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी एंट्री की है। हवाई अड्डों, डाटा केंद्रों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मौजूदगी दर्ज कराने के बाद अब उन्होंने सीमेंट कारोबार में कदम आगे बढ़ा दिए हैं।
अल्ट्राटेक सीमेंट फिलहाल सबसे आगे
भारत में सीमेंट कारोबार की बात करें तो फिलहाल, अल्ट्राटेक सीमेंट इस क्षेत्र में पहले पायदान पर काबिज है, जबकि होल्सिम देश में दूसरे नंबर पर आती है। इसके तहत अंबुजा सीमेंट और एसीसी लिमिटेड की संयुक्त क्षमता सात करोड़ टन सालाना है। यानी गौतम अदाणी का समूह इस सौदे के बाद घरेलू सीमेंट क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया है। इस सौदे को लेकर काफी समय से चर्चा जारी थी और हाल ही में गौतम अदाणी इसके लिए अबुधाबी और लंदन की यात्रा पर गए थे।
उत्पादन क्षमता दोगुनी करना लक्ष्य
गौरतलब है कि इस कंपनी को खरीदने की रेस में अदाणी समूह हालांकि, शुरू से ही सबसे आगे रहा था, लेकिन अदाणी के अलावा जेएसडब्ल्यू समूह सहित अन्य ने भी इसे अपना बनाने में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन जैसा कि उम्मीद थी इस सौदे पर गौतम अदाणी ने ही पूरा किया। इस समझौते को लेकर गौतम अदाणी ने कहा है कि होल्सिम की सीमेंट कंपनियों को हमारी ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स को साथ मिलाने से ये हमें दुनिया की सबसे ग्रीन सीमेंट कंपनी बना देगी। 59 साल के अदाणी के अनुसार, देश में डिमांड-सप्लाई की खाई को भरने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। भारत सीमेंट का आयात नहीं करता है, इसलिए हमें इसमें आत्मनिर्भर होना होगा। अदाणी की योजना अगले पांच साल में अंबूजा और एसीसी सीमेंट की उत्पादन क्षमता दोगुना करने की है।
अंबुजा-एसीसी के शेयरों में जोरदार तेजी
अदाणी और होल्सिम के बीच हुए इस बड़े सौदे के बाद सोमवार 16 मई को अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट के शेयरों पर असर देखने को मिला। दोनों के शेयरों में जोरदार उछाल आया। खबर लिखे जाने तक जहां अंबुजा सीमेंट का शेयर बाजार में 4.07 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं दूसरी ओर एसीसी सीमेंट का शेयर 5.89 फीसदी की बढ़त के साथ नजर आया। गौतम अदाणी ने सौदे पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि इस अधिग्रहण के लिए विदेश में एक कंपनी बनाई गई है। इस डील के लिए बार्कलेज, डायचे बैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने फंड देने का वादा किया है। साथ ही अदाणी ग्रुप से भी इससें निवेश किया जाएगा।
अदाणी समूह के साथ सौदे पर नहीं बनता टैक्स : होल्सिम
होल्सिम को सबसे अमीर एशियाई गौतम अदाणी के साथ 6.38 अरब डॉलर (49.4 हजार करोड़ रुपये) के सौदे पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। स्विटजरलैंड की प्रमुख बिल्डिंग मटीरियल कंपनी होल्सिम ने भारत में अपने कारोबार की नियंत्रण हिस्सेदारी अदाणी समूह को बेचने के लिए सौदा किया है। इसके साथ ही अदाणी समूह सीमेंट कारोबार में प्रवेश करेगा और अल्ट्राटेक के बाद वह घरेलू बाजार में दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट बन जाएगी।
होल्सिम के साथ सौदे के तहत अदाणी समूह को अंबुजा सीमेंट में करीब 63 फीसदी हिस्सेदारी मिल जाएगी। एसीसी में अंबुजा सीमेंट की 54.53 फीसदी हिस्सेदारी है। होल्सिम के सीईओ जान जेनिश ने सोमवार को निवेशकों से कहा कि हमारे विश्लेषण के अनुसार यह एक टैक्स मुक्त लेनदेन है। सौदे पर लागू किसी टैक्स के बारे में पूछने पर कहा, ऐसा नहीं लगता कि कोई जटिलता पैदा होगी। हमें शुद्ध आय के रूप में 6.4 अरब स्विस फ्रैंक (6.38 अरब डॉलर) मिलेंगे।
दूसरी छमाही में पूरो होगा सौदा
सौदे के अनुसार, अदाणी समूह अंबुजा सीमेंट और एसीसी में होल्सिम की पूरी हिस्सेदारी 6.38 अरब डॉलर में अधिग्रहित करेगा। होल्सिम को उम्मीद है कि यह सौदा इस साल की दूसरी छमाही में पूरा हो जाएगा। इसे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिल जाएगी, क्योंकि अदाणी समूह निर्माण सामग्री के कारोबार में नहीं है। जेनिश ने कहा कि यह एक साधारण अनुबंध है, जहां होल्सिम मूल रूप से दो व्यवसायों में कंपनी के शेयर बेच रही है।
अब अदाणी समूह को चुकाना होगा 2,312 करोड़ जुर्माना
होल्सिम ने कहा कि बिक्री के बाद अंबुजा सीमेंट और एसीसी पर सीसीआई की ओर से लगाए गए जुर्माने के लिए नया मालिक जिम्मेदार होगा। हमने कंपनी बेच दी है। हमारी ओर से कोई क्षतिपूर्ति नहीं होगी। सीसीआई ने एसीसी पर 1,148 करोड़ रुपये और अंबुजा सीमेंट पर 1,164 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। दोनों कंपनियों ने अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष जुर्माने को चुनौती दी थी। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।