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Global Market: चीन के फैसले से एशियाई शेयर चढ़े, मूडीज के कदम से अमेरिका में चिंता, जानें वैश्विक बाजार का हाल

Tue, 20 May 2025 03:31 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Global Market: ट्रंप के व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए ब्याज दरों में कटौती की। वहीं अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटने से निवशकों में चिंता देखने को मिली। 
 
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शेयर बाजार - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ब्याज दरों में कटौती की, जिससे एशियाई शेयरों में उछाल आया। यह कदम चीन ने व्यापार युद्ध से बिगड़ी स्थिति से निपटने के लिए उठाया गया। चीन की कंटेम्पररी एम्परेक्स टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड (सीएटीएल), जो दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बैटरी कंपनी है के शेयरों में तेजी आई। हांगकांग में कारोबार के दौरान सीएटीएल के शेयरों में 13 प्रतिशत का उछाल आया। कंपनी ने इस साल दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ में लगभग 4.6 अरब डॉलर जुटाए हैं। शंघाई के बाद छोटे शेयर बाजार शेन्जेन में सीएटीएल की शेयरों में दिन की शुरुआत में गिरावट के बाद 0.1 प्रतिशत की बढ़त हुई। 

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चीन के केंद्रीय बैंक ने सात महीनों में पहली बार प्रमुख ब्याज दरों में कटौती की है। इस कदम का निवेशकों ने स्वागत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति के कारण निवेशक दबाव में है, चीन के इस फैसले से वह थोड़ी राहत महसूस कर रहें  है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने एक साल के ब्याज दर में कटौती की है। सभी नए रिफ्रेंस रेट के ब्याज और बकाया फ्लोटिंग ब्याज दरों को घटाकर 3.1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही पांच साल के ब्याज दरों को घटाकर 3.6 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। 

ट्रंप की टैरिफ नीति से चीन की अर्थव्यवस्था दबाव में 
चीन को चिंता है कि मांग में कमी होने के कारण मंहगाई के बजाए अपस्फीति की स्थिति पैदा हो सकती है। अर्थशास्त्री चीन से ऐसे ही कदम की उम्मीद कर रहे थे। सोमवार को जारी हुए डेटा के अनुसार ट्रंप के व्यापार युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था दबाव में है। साथ ही, खुदरा ब्रिकी और फैक्ट्री उत्पादन धीमा हो रहा है और संपत्ति निवेश में गिरावट जारी है। कैपिटल इकोनॉमिक्स की जिचुन हुआंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि मंगलवार की कटौती शायद इस साल की आखिरी कटौती नहीं होगी। 
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कैसा रहा एशियाई बाजार में कारोबार?
मंगलवार की सुबह हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.9 प्रतिशत बढ़कर 23,542.46 पर पहुंच गया, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत का उछाल आया। टोक्यो में, निक्केई 225 0.5 प्रतिशत बढ़कर 37,685.09 पर पहुंच गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.6 प्रतिशत बढ़कर 8,343.30 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.1 प्रतिशत बढ़कर 2,606.58 पर पहुंच गया, जबकि ताइवान का ताइएक्स 0.4 प्रतिशत ऊपर रहा। 

मूडीज ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाई
सोमवार को अमेरिकी शेयर, बॉन्ड और डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव दिखा। यह अस्थिरता मूडीस रेंटिंग्स की ओर से अमेरिका पर की गई टिप्पणी के कारण आई। मूडीज ने कहा है कि अमेरिकी सरकार अब शीर्ष-स्तरीय "एएए" रेटिंग की हकदार नहीं है। एसएंडपी इंडेक्स  500 0.1 प्रतिशत बढ़कर 5,963.60 पर पहुंच गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.3 प्रतिशत बढ़कर 42,792.07 पर पहुंच गया, और नैस्डैक कंपोजिट केवल 4.36 अंक बढ़कर 19,215.46 पर पहुंच गया।

टैरिफ अनिश्चितता का अमेरिका पर नकारात्मक असर
मूडीज ने बताया कि अमेरिकी सरकार अपने खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार कर्ज ले रही है। राजनीतिक असहमति के कारण खर्चों में कटौती या टैक्स बढ़ाना मुश्किल हो रहा है, जिससे देश के कर्ज को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसे देखते हुए ही मूडीज ने क्रेडिट रेटिंग में कटौती की है। यह कदम वैश्विक स्तर पर निवेशकों के लिए एक चेतावनी की तरह है। यह कदम उन्हें सीधा संकेत देता है कि वे अमेरिकी सरकार को कम ब्याज दरों पर कर्ज न दें। हालांकि यह समस्या नई नहीं है। 2011 में भी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने अमेरिकी सरकार की क्रेडिट रेटिंग घटाई थी। मूडीज की टिप्पणी के बाद 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड सोमवार सुबह 4.55% तक ऊपर चली गई। इसी तरह, 30 साल के ट्रेजरी बांड की यील्ड भी 5% से ऊपर गई, जो सितंबर में 4% से कम थी।

क्या अमेरिका निवेश करने के लिए सुरक्षित स्थान है?
यदि वाशिंगटन को नकदी उधार लेने के लिए अधिक ब्याज देना पड़ता है, तो इसका असर आम अमेरिकी और व्यवसायों पर भी पड़ेगा। उनके लिए भी ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। ऐसे में मूडीज की नई रेटिंग उन चिंताओं की लंबी सूची में जुड़ गई है, जो पहले से ही बाजार पर हावी हैं। इन चिंताओं में सबसे प्रमुख है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से विभिन्न देशों के बीच छेड़ा गया व्यापार युद्ध। टैरिफ संकट ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों को यह सवाल करने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अमेरिकी बॉन्ड बाजार और अमेरिकी डॉलर ऐसे संकट के दौरान नकदी रखने के लिए अब भी सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक हैं? हालांकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अब तक स्थिर रही है। उम्मीद है कि ट्रंप आने वाले दिनों में विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौता करने के दौरान अपनी टैरिफ नीति पर नरम रखेंगे।

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