फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Global Market: एशियाई बाजारों में मजबूती, निवेशकों की नजर अमेरिका के आंकड़ों और फेड के रुख पर

Tue, 23 Dec 2025 12:55 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को ज्यादातर मजबूती देखने को मिली, जिसका असर वॉल स्ट्रीट में आई पिछली बढ़त से पड़ा। क्रिसमस से पहले अमेरिकी बाजारों में सीमित कारोबार रहने वाला है, ऐसे में निवेशकों की नजर जीडीपी, बेरोजगारी भत्ते और उपभोक्ता विश्वास जैसे अहम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है।
विज्ञापन
शेयर बाजार - फोटो : Adobestock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को एशियाई शेयर बाजार अधिकतर ऊंचे स्तर पर रहे, क्योंकि वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क बाजार अपेक्षाकृत शांत रहने वाले अवकाश सप्ताह की शुरुआत में बढ़े। वहीं तेल की कीमतों और अमेरिकी वायदा कीमतों में गिरावट आई।

विज्ञापन


डॉलर सोमवार देर रात के 157.04 येन से गिरकर 156.03 येन पर कारोबार कर रहा था। यूरो 1.1762 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 1.1777 अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

जानें एशियाई बाजारों का हाल

टोक्यो का निक्केई 225 0.1 प्रतिशत गिरकर 50,359.78 पर आ गया, और डॉलर जापानी येन के मुकाबले गिर गया, क्योंकि टोक्यो के अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर येन में तेजी से कमजोरी आई तो वे हस्तक्षेप करेंगे। हांगकांग का हैंग सेंग शुरुआती बढ़त गंवाकर 0.1 प्रतिशत गिरकर 25,762.64 पर आ गया। वहीं शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 3,920.16 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.3 प्रतिशत बढ़कर 4,117.15 पर पहुंच गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 1.1 प्रतिशत बढ़कर 8,795.70 पर पहुंच गया। ताइवान में सेंसेक्स में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि भारत का सेंसेक्स लगभग अपरिवर्तित रहा।

ये भी पढ़ें: What RBI Says On Growth: क्या वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत विकास पथ पर बना रहेगा? आरबीआई ने दिया जवाब

क्रिसमस के दिन अमेरिकी बाजार रहेंगे बंद 

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बुधवार को अमेरिकी बाजार जल्दी बंद हो जाएंगे और क्रिसमस के उपलक्ष्य में गुरुवार को भी बाजार बंद रहेंगे। कारोबार के लिए कम समय वाले इस सप्ताह में कई आर्थिक रिपोर्टें जारी की जाएंगी जिनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और दिशा के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर 

ट्रंप प्रशासन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन अनुमानों में से पहला अनुमान जारी करेगी, जो तीसरी तिमाही में व्यापक अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को दर्शाता है। बुधवार को श्रम विभाग बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदनों पर अपना साप्ताहिक डेटा जारी करेगा, जो अमेरिकी छंटनी का एक संकेतक है। कॉन्फ्रेंस बोर्ड मंगलवार को अपने दिसंबर के उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण के परिणाम भी जारी करेगा।

विज्ञापन


सोमवार को एसएंडपी 500 में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 6,878.49 पर पहुंच गया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 48,362.68 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में भी 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 23,428.83 पर पहुंच गया। छोटी कंपनियों के शेयरों ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। रसेल 2000 सूचकांक ने अन्य प्रमुख सूचकांकों को पीछे छोड़ते हुए 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

दिसंबर के उतार-चढ़ाव भरे महीने के अंत में, प्रमुख सूचकांकों को भी लाभ हुआ और वे महीने के अंत तक बढ़त के दायरे में आ गए। प्रौद्योगिकी कंपनियां, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित कंपनियां, बाजार के उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह रही हैं। एआई से संबंधित शेयरों की दिशा से ही यह तय होगा कि दिसंबर का अंत लाभ के साथ होगा या हानि के साथ।

सोने-चांदी की कीमतों में आई वृद्धि 

सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों के चलते सोने की कीमतें मंगलवार सुबह लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 4,512.40 पर पहुंच गईं, जिससे पूरे वर्ष की लगातार वृद्धि जारी रही। चांदी की कीमतों में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अमेरिकी कार्रवाई का तेल की कीमतों पर दिखा असर 

अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा कैरिबियाई सागर में एक अन्य प्रतिबंधित तेल टैंकर का पीछा करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमत मंगलवार सुबह 23 सेंट गिरकर 57.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। सोमवार को इसमें 2.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और यह 58.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 22 सेंट घटकर 61.85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। सोमवार को इसमें 2.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

अमेरिका में महंगाई का स्तर ऊंचा

हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति का स्तर ऊंचा बना हुआ है और पिछले एक साल में उपभोक्ता विश्वास में गिरावट आई है। कुल मिलाकर, रोजगार बाजार धीमा पड़ गया है और खुदरा बिक्री कमजोर हो गई है।

अमेरिका के साथ जारी व्यापक व्यापार युद्ध का असर पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान और दबाव में चल रहे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर पड़ रहा है। लगातार उच्च मुद्रास्फीति और कमजोर रोजगार बाजार के कारण फेडरल रिजर्व के लिए आगे की नीतिगत स्थिति भी जटिल हो गई है।

फेड के फैसलों को लेकर वॉल स्ट्रीट की उम्मीदें

फिर भी, वॉल स्ट्रीट को ज्यादातर उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व जनवरी में होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। मुद्रास्फीति के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बने रहने के बावजूद, फेडरल रिजर्व ने अपनी पिछली तीन बैठकों में बेंचमार्क ब्याज दर में कटौती की है।

विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें