हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को एशियाई शेयर बाजार अधिकतर ऊंचे स्तर पर रहे, क्योंकि वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क बाजार अपेक्षाकृत शांत रहने वाले अवकाश सप्ताह की शुरुआत में बढ़े। वहीं तेल की कीमतों और अमेरिकी वायदा कीमतों में गिरावट आई।
टोक्यो का निक्केई 225 0.1 प्रतिशत गिरकर 50,359.78 पर आ गया, और डॉलर जापानी येन के मुकाबले गिर गया, क्योंकि टोक्यो के अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर येन में तेजी से कमजोरी आई तो वे हस्तक्षेप करेंगे। हांगकांग का हैंग सेंग शुरुआती बढ़त गंवाकर 0.1 प्रतिशत गिरकर 25,762.64 पर आ गया। वहीं शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 3,920.16 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.3 प्रतिशत बढ़कर 4,117.15 पर पहुंच गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 1.1 प्रतिशत बढ़कर 8,795.70 पर पहुंच गया। ताइवान में सेंसेक्स में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि भारत का सेंसेक्स लगभग अपरिवर्तित रहा।
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क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बुधवार को अमेरिकी बाजार जल्दी बंद हो जाएंगे और क्रिसमस के उपलक्ष्य में गुरुवार को भी बाजार बंद रहेंगे। कारोबार के लिए कम समय वाले इस सप्ताह में कई आर्थिक रिपोर्टें जारी की जाएंगी जिनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और दिशा के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।
ट्रंप प्रशासन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन अनुमानों में से पहला अनुमान जारी करेगी, जो तीसरी तिमाही में व्यापक अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को दर्शाता है। बुधवार को श्रम विभाग बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदनों पर अपना साप्ताहिक डेटा जारी करेगा, जो अमेरिकी छंटनी का एक संकेतक है। कॉन्फ्रेंस बोर्ड मंगलवार को अपने दिसंबर के उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण के परिणाम भी जारी करेगा।
सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों के चलते सोने की कीमतें मंगलवार सुबह लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 4,512.40 पर पहुंच गईं, जिससे पूरे वर्ष की लगातार वृद्धि जारी रही। चांदी की कीमतों में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा कैरिबियाई सागर में एक अन्य प्रतिबंधित तेल टैंकर का पीछा करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमत मंगलवार सुबह 23 सेंट गिरकर 57.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। सोमवार को इसमें 2.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और यह 58.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 22 सेंट घटकर 61.85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। सोमवार को इसमें 2.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति का स्तर ऊंचा बना हुआ है और पिछले एक साल में उपभोक्ता विश्वास में गिरावट आई है। कुल मिलाकर, रोजगार बाजार धीमा पड़ गया है और खुदरा बिक्री कमजोर हो गई है।
अमेरिका के साथ जारी व्यापक व्यापार युद्ध का असर पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान और दबाव में चल रहे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर पड़ रहा है। लगातार उच्च मुद्रास्फीति और कमजोर रोजगार बाजार के कारण फेडरल रिजर्व के लिए आगे की नीतिगत स्थिति भी जटिल हो गई है।
फिर भी, वॉल स्ट्रीट को ज्यादातर उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व जनवरी में होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। मुद्रास्फीति के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बने रहने के बावजूद, फेडरल रिजर्व ने अपनी पिछली तीन बैठकों में बेंचमार्क ब्याज दर में कटौती की है।