थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति मई में 22 महीने के निचले स्तर यानी 2.45 प्रतिशत पर रही। इसकी प्रमुख वजह खाद्य सामग्री, ईंधन और बिजली की दरों का कम होना है।
इससे पहले खुदरा महंगाई दर के आंकड़े आए थे। मई माह में खुदरा महंगाई दर अपने सात माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ही ऐसा देखने को मिला है। वित्त मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई दर 3.05 फीसदी हो गई है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी संशोधित आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 2.99 फीसदी रही। पहले प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.92 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया गया था।