महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कोरोना वायरस को अब तक की सबसे भयावह आपदाओं में एक बताते हुए बृहस्पतिवार को सभी कर्मचारियों से कहा कि वे लॉकडाउन में निजी व पेशेवर तौर पर खुद को भविष्य के लिये तैयार करें।
दो लाख से अधिक कर्मचारियों को भेजा पत्र
उन्होंने समूह के दो लाख से अधिक कर्मचारियों को एक पत्र के माध्यम से कहा कि यह ऐसी आपदा है, जो पहले कभी नहीं देखी गयी। उन्होंने पत्र में पिछली आर्थिक मंदी के दौरान दिये गये अपने सुझाव को भी दोहराया। उन्होंने पिछली मंदी के दौरान कर्मचारियों को बताया था कि संकट के समय को किस तरह से खुद को नए सिरे से तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
नए विचारों और नवोन्मेष में निवेश करने का सुझाव
उन्होंने अभी उपलब्ध समय को नए विचारों और नवोन्मेष में निवेश करने का सुझाव दिया। उन्होंने भविष्य के लिए बड़े सपने तैयार करने तथा संकट के समाप्त हो जाने के बाद महत्वाकांक्षाओं को ऊपर उठाने में संकट के मौजूदा समय का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
ऐसा संकट पहले कभी नहीं आया
महिंद्रा ने कहा कि यह कामकाज के लिहाज से सामान्य समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे संकट से जूझ रहे हैं जो पहले कभी नहीं आया। हम सभी अपने परिजनों, अपने कारोबार, अपनी अर्थव्यवस्था और अपने देश के प्रति चिंतित हैं। इसके बाद भी हम सभी वह कर रहे हैं, जो किया जा सकता है और संकट से दवाब में आए बिना इसके साथ जीना सीख रहे हैं।’’
महिंद्रा ने कहा कि इन परिस्थितियों ने हमें एक ऐसी मोहलत दी है, जिसका इस्तेमाल अच्छे के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘घर में बंद होने से हमें यह मालूम हुआ है कि हम किस तरह से पर्यावरण पर अनावश्यक बोझ डाल रहे थे। मैंने मुंबई को कभी इतना खूबसूरत नहीं देखा, जैसा अभी बंद के दौरान दिख रहा है, आसमान नीला है, हवा साफ है, सड़कों पर गंदगी नहीं है।’’